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Opinion

प्राथमिकता का खेल: जानिए कैसे द्वितीय-वरीयता (Second-Preference) वोट परिमल नथवाणी को दिला सकते हैं…

Ranchi: झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए मुकाबला बेहद दिलचस्प हो चुका है। भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवाणी के मैदान में उतरने से सत्तारूढ़ 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन का गणित गड़बड़ा गया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के…

झारखंड राज्यसभा चुनाव: ‘हिडन IPL टीम’ की तर्ज पर शह-मात का खेल, हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका…

रांची: झारखंड में 18 जून 2026 को होने वाले राज्यसभा की दो सीटों के चुनाव ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। संख्या बल की कसौटी पर कमजोर होने के बावजूद विपक्षी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) द्वारा उम्मीदवार उतारने के…

सम्राट हर्षवर्धन जयंती: भाग्य नहीं, पौरुष और पुरुषार्थ से इतिहास लिखने वाले महान दानवीर को नमन

प्रयाग के ऐतिहासिक 'कुंभ मेले' की शुरुआत करने वाले, महान क्षत्रिय योद्धा और पुष्यभूति राजवंश के परमभट्टारक नरेश सम्राट हर्षवर्धन बैस की जयंती पर पूरा देश उन्हें सादर नमन कर रहा है। वह एक ऐसे प्रतापी शासक थे जिन्होंने विषम परिस्थितियों…

मौन क्रांति: मुस्लिम समाज के विकास में महिलाओं की बढ़ती हिस्सेदारी और हज सुधारों का वैश्विक संदेश

समकालीन मुस्लिम समाज में आज एक दूरगामी वैचारिक और सामाजिक बदलाव देखा जा रहा है, जिसे 'मौन क्रांति' कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा। आधुनिक शिक्षा, कानूनी जागरूकता और धार्मिक सिद्धांतों की न्यायसंगत व्याख्याओं ने मुस्लिम महिलाओं को प्रगति के नए…

वी. राजारमन: वह शिक्षक, जिन्होंने भारत को ‘IT सुपरपावर’ बनाया

यह कहानी एक ऐसे व्यक्ति की है, जिनका नाम शायद इतिहास की मुख्यधारा की किताबों में दर्ज न हो, लेकिन आज भारत का हर सॉफ़्टवेयर इंजीनियर अनजाने में उनका ऋणी है। 1933 में तमिलनाडु के इरोड में जन्मे वी. राजारमन एक विलक्षण प्रतिभा के धनी थे।…

कहाँ गए वो लोग

यह कहानी भारत के उस दौर की है, जब राजनीति सेवा का माध्यम थी, सत्ता का नहीं। पी. ककन (P. Kakkan) जैसे सादगी पसंद नेता उस समय की शान हुआ करते थे। प्रस्तुत है उनकी जीवन की एक सच्ची घटना पर आधारित कहानी:कहाँ गए वो लोग कहाँ गए वो लोग…

अदीब-ए-बाकमाल प्रो. डॉ. अहमद सज्जाद: एक अहद का खात्मा

आज उर्दू अदब की महफ़िल सूनी है और रांची की फिजाओं में एक अजीब सी उदासी का डेरा है। इल्म-ओ-दानिश के अज़ीम पैकर और उर्दू लिसानियात के मोतबर सुतून, प्रो. डॉ. अहमद सज्जाद साहब अब हमारे दरमियान नहीं रहे। उनका विसाल महज एक उस्ताद का बिछड़ना नहीं,…

विजयोत्सव विशेष: 80 वर्ष की आयु में अंग्रेजों के छक्के छुड़ाने वाले महानायक ‘बाबू वीर कुंवर…

13 नवंबर, 1777 को बिहार की भोजपुर माटी में एक शेर का जन्म हुआ। माता पंचरत्न देवी और पिता राजा साहबजादा सिंह के घर जन्मे इस लाडले का नाम रखा गया—कुंवर सिंह। उज्जैन के महान सम्राट विक्रमादित्य के वंशज और राजा भोज के प्रतापी राजवंश से…