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Opinion

कलम, क्रांति और कैंपस: क्या दिशाहीन हो रहे हैं आधुनिक छात्र आंदोलन?

विश्वविद्यालय केवल उच्च शिक्षा के केंद्र नहीं होते, बल्कि वे समाज की सामूहिक चेतना को आकार देने वाली सबसे जीवंत नर्सरी भी हैं। भारत के इतिहास पर नजर डालें तो स्वतंत्रता संग्राम के संघर्ष से लेकर आपातकाल के दौर तक, छात्र आंदोलनों ने देश की…

व्यवसाय की उपेक्षा यानी संतान के भविष्य से समझौता: जानिए क्यों आपका बिजनेस ही आपकी पहली संतान है

अपने बिजनेस को कम महत्व देना वास्तव में अपनी संतान की उपेक्षा करने जैसा ही है, क्योंकि एक उद्यमी के लिए उसका व्यवसाय उसकी पहली संतान की तरह होता है जिसे वह अपने खून-पसीने, समय और पूंजी से सींचकर बड़ा करता है। जब आप अपने व्यवसाय को नजरअंदाज…

मोबाइल फोन: वरदान या अभिशाप

आधुनिक युग में मोबाइल फोन हमारे जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुका है, जो यदि सही ढंग से उपयोग किया जाए तो एक महान 'वरदान' है, और यदि इसका दुरुपयोग हो तो यह एक भयानक 'अभिशाप' साबित होता है। विज्ञान के इस बेहतरीन आविष्कार ने पूरी दुनिया को…

कथनी और करनी का अंतर: ईमानदारी का ढोंग करने वाले धोखेबाज़ों से कैसे निपटें?

Ranchi: समाज में ऐसे लोगों की कमी नहीं है जो पैसों के लालच में अपनी ईमानदारी को बेच देते हैं, लेकिन दूसरों के सामने सच्चाई और नैतिकता का सबसे बड़ा ढोंग रचते हैं। ये लोग अपनी मीठी बातों और बड़ी-बड़ी कसमों से बहुत जल्दी दूसरों का भरोसा जीत…

भुगतान में देरी: व्यापार के लिए एक मूक खतरा

समय पर भुगतान न मिलना व्यावसायिक नकदी प्रवाह (कैश फ्लो) को नष्ट करता है और व्यावसायिक संबंधों को खराब करता है। एक वैश्विक सर्वेक्षण के अनुसार, लगभग 43% कंपनियों को समय पर भुगतान नहीं मिलता है, जो सामान्य बिलिंग को एक महंगे और थकाऊ संग्रह…

योगिनी एकादशी 10 जुलाई को; पापों के नाश,आत्मशुद्धि, सेवा और मोक्ष का पावन पर्व

श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट एवं विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि भारतीय सनातन संस्कृति में एकादशी व्रतों का विशेष महत्व है। इन्हीं में से एक है योगिनी एकादशी, जो आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की…

महावतार बाबाजी का स्वभाव ही प्रेम है, क्योंकि वे जानते थे कि सिर्फ प्रेम से ही संसार को परिवर्तित…

योगदा सत्संग आश्रम के वरिष्ठ संन्यासी स्वामी ईश्वरानन्द गिरि ने आज योगदा सत्संग आश्रम के श्रवणालय में आयोजित रविवारीय सत्संग में शामिल योगदा भक्तों को संबोधित करते हुए योगदा संत परम्परा में शामिल प्रेमावतार स्वामी परमहंस योगानन्द जी द्वारा…

व्यापारिक सफलता का मूल मंत्र: लेन-देन में पारदर्शिता और जवाबदेही

आज के प्रतिस्पर्धी दौर में किसी भी व्यापार की सफलता केवल इस बात पर निर्भर नहीं करती कि वह कितना मुनाफा कमा रहा है, बल्कि इस बात पर भी निर्भर करती है कि उसका वित्तीय ढांचा कितना साफ और मजबूत है। व्यापारिक लेन-देन में पारदर्शिता…

सौदा और संबंध: जब बिजनेस और परिवार का सही मेल हुआ

रमेश जी दिल्ली के एक बड़े कपड़ा व्यापारी थे। बाजार में उनकी जुबान की कीमत नकदी से ज्यादा थी। उन्होंने अपने जीवन में बड़े से बड़े व्यापारिक संकट चुटकियों में सुलझाए थे, लेकिन पिछले एक साल से उनके माथे पर चिंता की लकीरें गहरी थीं। वजह थी उनकी…

रोकने की कीमत: भुगतान से पीछे हटने वालों का मनोविज्ञान और सामाजिक सच

हर अर्थव्यवस्था में एक ऐसा वर्ग होता है जिसके पास धन की कोई कमी नहीं होती, लेकिन वे मानसिक रूप से किसी को भुगतान करने में असमर्थ होते हैं। ये लोग सीधे तौर पर चोरी नहीं करते और न ही अनुबंध (contract) तोड़ते हैं। इसके बजाय, ये एक शांत लेकिन…