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Opinion
QUARTER-CENTURY DELAY: 1932 KHATIAN DOMICILE POLICY STILL A DISTANT DREAM FOR JHARKHAND YOUTH
GIRIDIH: Even 25 years after Jharkhand’s formation, the non-implementation of a local domicile and employment policy based on the 1932 Khatian remains a burning grievance for its residents.
Social activist Rajesh Kumar from Birni block…
The Mockery of India’s Electoral Democracy: A Call for Opposition Reckoning
As I sit in New Delhi, witnessing the unfolding drama of recent electoral exercises, a profound sense of anguish grips me. The institutions that once formed the bedrock of Indian democracy — the Election Commission of India (ECI), the…
वी. राजारमन: वह शिक्षक, जिन्होंने भारत को ‘IT सुपरपावर’ बनाया
यह कहानी एक ऐसे व्यक्ति की है, जिनका नाम शायद इतिहास की मुख्यधारा की किताबों में दर्ज न हो, लेकिन आज भारत का हर सॉफ़्टवेयर इंजीनियर अनजाने में उनका ऋणी है।
1933 में तमिलनाडु के इरोड में जन्मे वी. राजारमन एक विलक्षण प्रतिभा के धनी थे।…
कहाँ गए वो लोग
यह कहानी भारत के उस दौर की है, जब राजनीति सेवा का माध्यम थी, सत्ता का नहीं। पी. ककन (P. Kakkan) जैसे सादगी पसंद नेता उस समय की शान हुआ करते थे। प्रस्तुत है उनकी जीवन की एक सच्ची घटना पर आधारित कहानी:कहाँ गए वो लोग
कहाँ गए वो लोग…
अदीब-ए-बाकमाल प्रो. डॉ. अहमद सज्जाद: एक अहद का खात्मा
आज उर्दू अदब की महफ़िल सूनी है और रांची की फिजाओं में एक अजीब सी उदासी का डेरा है। इल्म-ओ-दानिश के अज़ीम पैकर और उर्दू लिसानियात के मोतबर सुतून, प्रो. डॉ. अहमद सज्जाद साहब अब हमारे दरमियान नहीं रहे। उनका विसाल महज एक उस्ताद का बिछड़ना नहीं,…
विजयोत्सव विशेष: 80 वर्ष की आयु में अंग्रेजों के छक्के छुड़ाने वाले महानायक ‘बाबू वीर कुंवर…
13 नवंबर, 1777 को बिहार की भोजपुर माटी में एक शेर का जन्म हुआ। माता पंचरत्न देवी और पिता राजा साहबजादा सिंह के घर जन्मे इस लाडले का नाम रखा गया—कुंवर सिंह।
उज्जैन के महान सम्राट विक्रमादित्य के वंशज और राजा भोज के प्रतापी राजवंश से…
भारत में बेरोजगारी की नई तस्वीर: सामान्य वर्ग और शिक्षित युवाओं के बढ़ते संकट
हाल ही में जारी आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) 2023-24 के आंकड़े भारतीय रोजगार परिदृश्य के एक ऐसे पहलू को उजागर करते हैं, जो अब तक चर्चाओं से ओझल था। ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि बेरोजगारी का स्वरूप अब केवल सामाजिक पिछड़ेपन तक सीमित नहीं है,…
समाज की आंखें खोलने वाली खबरें: प्रेम की आड़ में बढ़ती अंधी दौड़
आजकल समाज में अवैध संबंध, कम उम्र में प्रेम प्रसंग, घर से भागना आदि घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। लेकिन, क्या हम सचमुच इन समस्याओं का समाधान ढूंढ रहे हैं? या फिर हम इन खबरों को दबाना चाहते हैं और आंखें बंद करना चाहते हैं?
समस्या की जड़…
हताशा की वर्दी और हनुमान चालीसा पढ़ते भूत: झारखंड की कानून-व्यवस्था का असली चेहरा
पूरा झारखंड की जनता अपराधियों से परेशान और पीड़ित है। राजधानी की सभी छोटी-बड़ी दुकानें रात 8 बजे ही इस डर से बंद हो जाती हैं कि कोई उन्हें लूट न ले, और वास्तविकता में लोग लूटे भी जा रहे हैं। आए दिन राजधानी और अन्य जिला में हत्या, अपहरण,…
कानूनी प्रतिरोध और इस्लाम में धैर्य का महत्व
मानव समाजों ने हमेशा शिकायतों, उत्पीड़न और असमानता जैसी चुनौतियों का सामना किया है। इतिहास भर में धर्मों और नैतिक परंपराओं ने यह मार्गदर्शन दिया है कि जब व्यक्ति और समुदाय अन्याय का सामना करें तो उन्हें कैसे प्रतिक्रिया देनी चाहिए। इस्लामी…