रांची: रांची पुलिस ने ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर के सुरक्षा प्रहरी की नृशंस हत्या और दान पेटी से हुई लूट के मामले को 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। शनिवार को इस मामले में पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने बिरसा मुंडा की हत्या करने और मंदिर से नकदी लूटने की बात स्वीकार की है।
क्या थी घटना?
24 अप्रैल 2026 की रात, अज्ञात अपराधी चोरी की नीयत से मंदिर परिसर में घुसे थे। चोरी के दौरान मंदिर में तैनात सुरक्षा प्रहरी बिरसा मुंडा ने उन्हें देख लिया। अपनी पहचान छिपे रहने और पकड़े जाने के डर से अपराधियों ने पत्थर से कूचकर मुंडा की हत्या कर दी और दान पेटी तोड़कर करीब 3,00,977 रुपये लेकर फरार हो गए।
एसआईटी (SIT) की कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP), रांची ने नगर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से तेजी से कार्रवाई करते हुए जगन्नाथपुर की न्यू कॉलोनी से तीन संदिग्धों को दबोच लिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम:
1. देव कुमार उर्फ रचित कुमार
2. विकास महली
3. आयुष कुमार दत्ता
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे मंदिर के पास की ही बस्ती के रहने वाले हैं। उन्हें डर था कि बिरसा मुंडा उन्हें पहचान लेंगे, इसलिए उन्होंने इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया।
पुलिस ने अभियुक्तों की निशानदेही पर निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
* लूटे गए कुल 3,00,977 रुपये।
* हत्या में प्रयुक्त खून लगा पत्थर।
* ताला तोड़ने के लिए इस्तेमाल किए गए लोहे के रड।
* चोरी के पैसों से खरीदे गए नए कपड़े और उनकी रसीद।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार देव कुमार का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ पहले से चार मामले दर्ज हैं। वहीं, विकास महली पर भी पॉक्सो (POCSO) एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज है।
