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खूंटी में जनजातीय किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की बड़ी पहल: 1000 किसानों के बीच बांटे गए मटर के बीज

खूंटी: झारखंड के खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड में जनजातीय किसानों की आजीविका को सशक्त बनाने, कृषि उत्पादन बढ़ाने और ग्रामीण परिवारों की आय में सुधार लाने के उद्देश्य से आज डब्ल्यूसीएसएफ चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन के सहयोग से एक हजार अनुसूचित जनजाति (ST) के किसानों के बीच मटर के बीज का वितरण किया गया। यह पहल जनजातीय समुदाय को कृषि के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

यह पूरा कार्यक्रम भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की परियोजना के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कृषि तकनीकों के माध्यम से जनजातीय समुदाय की आजीविका, पोषण और आय के स्तर को बढ़ाना है। इस परियोजना का आयोजन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के पूर्वी अनुसंधान परिसर के अंतर्गत कृषि प्रणाली का पहाड़ी एवं पठारी अनुसंधान केंद्र, प्लांडू (रांची) द्वारा किया जा रहा है, जिसमें डब्ल्यूसीएसएफ चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन सहयोगी संस्था के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

इन 10 गांवों के किसान हुए लाभान्वित

परियोजना के तहत कर्रा प्रखंड के कुल 10 गांवों के किसानों को रबी मौसम में मटर की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बीज उपलब्ध कराए गए। इन गांवों में शामिल हैं:
• चालडांडू
• सिरका
• चांपी
• दिगादोन
• दारी
• पट्टामुचिया
• गुनी
• धनामुंजी
• इठे
• कलामुचिया

पोषण और आर्थिक उन्नति का जरिया बनेगी मटर की खेती

मटर एक महत्वपूर्ण दलहनी फसल है, जो प्रोटीन सहित कई आवश्यक पोषक तत्वों का मुख्य स्रोत है। इसकी खेती से किसानों को न केवल अपने परिवार के पोषण स्तर में सुधार करने का मौका मिलेगा, बल्कि वे उपज को बाजार में बेचकर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकेंगे। कार्यक्रम के दौरान उचित कृषि पद्धतियों को अपनाने और फसल की बेहतर देखभाल पर भी जोर दिया गया ताकि कृषि उत्पादकता में सुधार हो सके।

संस्था के वरिष्ठ पदाधिकारी रहे मौजूद

इस विशेष कार्यक्रम में डब्ल्यूसीएसएफ चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन के संस्थापक श्री जितेंद्र कुमार वर्मा, राज्य समन्वयक सुश्री प्रियंका कुमारी सहित संस्था के जिला और प्रखंड समन्वयक शामिल हुए। संस्था की टीम ने किसानों के बीच बीज वितरण की कमान संभाली और ग्रामीण परिवारों की आजीविका को मजबूत बनाने के लिए कृषि आधारित गतिविधियों के महत्व को रेखांकित किया।
संस्था के संस्थापक श्री जितेंद्र कुमार वर्मा ने इस मौके पर कहा कि किसानों को आवश्यक कृषि संसाधन उपलब्ध कराने और उन्हें आधुनिक खेती के लिए प्रोत्साहित करने से ही ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के बेहतर अवसर विकसित किए जा सकते हैं। वहीं राज्य समन्वयक सुश्री प्रियंका कुमारी ने स्थानीय स्तर पर किसानों तक पहुंच बनाने और कार्यक्रम के बेहतर संचालन में सक्रिय भूमिका निभाई।

सतत विकास का संकल्प

डब्ल्यूसीएसएफ चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन कृषि एवं किसान सशक्तिकरण, महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास और सामुदायिक कल्याण के क्षेत्र में निरंतर प्रयासरत है। संस्था का मानना है कि जनजातीय किसानों का सशक्तिकरण केवल संसाधन देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें आजीविका के स्थायी अवसरों से जोड़ना भी आवश्यक है। संस्था ने “सेवा, संवेदना और सशक्तिकरण” के अपने संकल्प को दोहराते हुए भविष्य में भी ग्रामीण एवं जनजातीय समुदायों के सतत विकास के लिए प्रतिबद्धता जताई है।

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