रांची: राजधानी रांची और इसके आसपास के इलाकों में शुक्रवार दोपहर को हुई मूसलाधार बारिश ने जहाँ लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत दी, वहीं दूसरी ओर सामान्य जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया। तेज आंधी और कड़कड़ाती बिजली के साथ शुरू हुई इस झमाझम बारिश के कारण शहर के कई मुख्य मार्गों पर जलजमाव की स्थिति पैदा हो गई।
रांची का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र अलबर्ट एक्का चौक और मेन रोड पानी से लबालब भर गए, जिससे वाहनों की रफ्तार पर अचानक ब्रेक लग गया।मौसम में आए इस अचानक बदलाव के बीच मोराबादी मैदान के समीप एक बड़ा हादसा होने से टल गया। दोपहर करीब 3:00 बजे तेज हवा के झोंकों के कारण सड़क किनारे स्थित एक विशाल और पुराना बरगद का पेड़ भरभरा कर मुख्य मार्ग पर गिर गया। पेड़ की चपेट में आने से बिजली के खंभे और तार टूट कर सड़क पर बिखर गए। गनीमत यह रही कि जिस वक्त यह घटना हुई, उस समय पेड़ के नीचे कोई वाहन या राहगीर मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ी जनहानि होने से साफ बचाव हो गया।
पेड़ गिरने के तुरंत बाद स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों ने तत्परता दिखाते हुए मोराबादी-कांके मार्ग पर आ रहे वाहनों को रोका और ट्रैफिक पुलिस को इसकी सूचना दी। घटना की जानकारी मिलते ही रांची नगर निगम (RMC) की टीम और आपदा प्रबंधन के कर्मचारी कटर मशीनों और जेसीबी के साथ मौके पर पहुंचे। भारी बारिश के बीच नगर निगम के कर्मचारियों ने मुस्तैदी से पेड़ की डालियों को काटकर हटाने का काम शुरू किया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मलबे को साफ कर यातायात को दोबारा सुचारू रूप से बहाल किया जा सका।
मौसम विभाग के अनुसार, छोटानागपुर पठारी क्षेत्र में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण रांची और आसपास के जिलों में अगले 24 घंटों तक रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे जलजमाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और जर्जर पेड़ों व बिजली के खंभों के पास अपने वाहन पार्क न करें। हालांकि इस बारिश ने शहरवासियों के लिए कुछ मुश्किलें जरूर खड़ी कीं, लेकिन शाम होते-होते मौसम सुहाना होने से लोगों ने राहत की सांस ली।