नई दिल्ली:दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर चौक पर ‘आरक्षण हटाओ देश बचाओ’ अभियान के तहत एक विशाल विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस देशव्यापी अभियान का नेतृत्व ‘झारखंड अगेंस्ट करप्शन’ के केंद्रीय संगठन मंत्री सह ‘राष्ट्रीय सुरक्षा पार्टी’ के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष निपु सिंह ने किया। प्रदर्शन में झारखंड और देश के अन्य हिस्सों से आए हजारों समर्थकों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत ‘भारत माता की जय’ के गगनभेदी नारों के साथ हुई, जिसके बाद मंच से उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता निपु सिंह ने आरक्षण नीति पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान आरक्षण व्यवस्था के कारण देश की प्रगति रुक गई है। निपु सिंह ने कहा कि जब तक इस व्यवस्था में सुधार नहीं होगा, तब तक देश लगातार बर्बादी की ओर अग्रसर रहेगा। अपने व्यक्तिगत संघर्ष का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वे बचपन से ही आरक्षण को हटाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं और अपनी अंतिम सांस तक इस लड़ाई को जारी रखेंगे। उन्होंने मांग की कि आरक्षण का आधार जातिगत न होकर पूरी तरह से व्यक्ति की आर्थिक स्थिति पर निर्भर होना चाहिए। इसके साथ ही, किसी भी व्यक्ति को इसका लाभ देने से पहले उसके आर्थिक स्तर की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
शिक्षा और रोजगार की गुणवत्ता पर चिंता व्यक्त करते हुए निपु सिंह ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के चलते ७४ (74) प्रतिशत अंक लाने वाले योग्य बच्चे असफल हो रहे हैं, जबकि महज ३४ (34) प्रतिशत अंक पाने वाले बच्चे डॉक्टर और शिक्षक जैसे जिम्मेदार पदों पर बैठ रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में देश के भविष्य और उसकी प्रगति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। इस प्रदर्शन के दौरान निपु सिंह के साथ मंच पर प्रसिद्ध लेखक और समाजसेवी मिथिलेश कुमार पांडे भी विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने अभियान का समर्थन किया।