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Opinion
किसी को गुनहगार कहने से पहले कई पहलुओं पर विचार करें
आज हम बात करते है कैदी के बारे में। क़ैदी दो तरह के होते है एक वो जो अपने सोच के कैदी होते है और दूसरा जो जेल में बंद कैदी होते है। आज जेल में बंद कैदी के बारे में बात करते है एक कॉमन सोच है कि 'कुछ गलती किया है तभी ना जेल…
गाँधीजी के नाम पर गुंडई मत कीजिये
जब महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका में भारतीयों की आवाज उठा रहे थे उस समय वह राज दरभंगा के यश्वसी शासक महाराज लक्ष्मीश्वर सिंह के नियमित संपर्क में थे । गांधीजी और महाराजाधिराज का नियमित…
आदिवासी किसको वोट करें से ज्यादा चिंतनीय विषय है क्यों वोट करें
फिलवक्त मैं बीमारी से उभर रहा हूं। दिल्ली में हूं। मगर आदिवासियों के प्रति अपनी लगाव और सच्ची प्रतिबद्धता के आलोक में 2024 के लोकसभा चुनाव पर खासकर झारखंड में आदिवासियों की राजनीतिक हालत पर एक टिप्पणी करना चाहता…
मतदान को सिर्फ़ अधिकार नहीं कर्तव्य के तौर पर भी देखे
लोकतंत्र का महापर्व पूरे देश में मनाया जा रहा है। ये ऐसा पर्व है जो पाँच वर्ष में एक बार आता है और आम चुनाव में आम जनता ही सबसे ख़ास है।
पूरे पाँच साल जनता से ना किसी को मतलब होता है ना ही कोई झांकने आता है कि वो किन समस्याओं से जूझ…
सीबीआई या ई.डी की करवाई में एक अधिकारियों को राजनीतिज्ञों से ज्यादा दंश झेलना पड़ता है: शीतल झा
रांची के पूर्व उपयुक्त छवि रंजन को प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने सेना की कब्ज़े वाली ज़मीन के अवैध खरीद विक्री के मामले में पिछले साल गिरफ्तार किया। न्यायलाय ने उनकी जमानत याचिकाएं खारिज की। इसी बीच प्रवर्तन निदेशालय के अन्य अभियुक्त दिल्ली…
निष्पक्ष चुनाव पर जिसकी होनी चाहिए नज़र वह है सच्चाई से बेखबर
आजकल चुनाव का महापर्व का रंग चढ़ा हुआ है। कुछ पढ़े-लिखे, कुछ आपराधिक पृष्ठभूमि वाले तो कुछ विवादित डिग्री वाले आजकल अपनी ज़ुबान की पिचकारी से सांप्रदायिक और धार्मिक भाषण के रंगों की बौछार कर रहे है और इन बातों पर नियंत्रण रखने…