देश-विदेश में भारी सुरक्षा और टेलीग्राम बैन के बीच संपन्न हुई परीक्षा, छात्रों ने फिजिक्स को बताया कठिन
नई दिल्ली: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी (NEET-UG) 2026 की पुनर्परीक्षा आज देशभर में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। देश के 551 शहरों और 14 अंतर्राष्ट्रीय केंद्रों सहित कुल 5,440 परीक्षा केंद्रों पर करीब 22.79 लाख अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल हुए। गौरतलब है कि बीते 3 मई 2026 को आयोजित हुई मुख्य परीक्षा को पेपर लीक के गंभीर आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था, जिसके बाद आज इस देशव्यापी री-एग्जाम का आयोजन किया गया। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए इस बार सरकार और एनटीए ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए थे।
सोशल मीडिया के जरिए पेपर लीक की किसी भी अफवाह या धोखाधड़ी को रोकने के लिए सरकार ने परीक्षा के दौरान टेलीग्राम ऐप पर अस्थाई प्रतिबंध लगा दिया था। इसके अलावा सभी केंद्रों पर एआई-आधारित बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, जैमर्स और सीसीटीवी कैमरों से हर गतिविधि पर सख्त निगरानी रखी गई। छात्रों को परीक्षा हॉल में प्रवेश से पहले गहन चेकिंग से गुजरना पड़ा और जूते व धातु की वस्तुओं जैसे सख्त ड्रेस कोड का कड़ाई से पालन कराया गया।परीक्षा देकर बाहर निकले छात्रों और शिक्षा विशेषज्ञों की शुरुआती प्रतिक्रिया के अनुसार, इस बार का प्रश्नपत्र मध्यम से कठिन स्तर का रहा।
अधिकांश छात्रों ने बताया कि फिजिक्स (भौतिक विज्ञान) का सेक्शन सबसे ज्यादा कठिन और लंबा था, जिसके न्यूमेरिकल सवालों को हल करने में काफी समय बर्बाद हुआ। वहीं रसायन विज्ञान (Chemistry) का पेपर संतुलित और मध्यम स्तर का रहा, जबकि जीव विज्ञान (Biology) का भाग पूरी तरह से एनसीईआरटी (NCERT) के सिलेबस पर आधारित और स्कोरिंग रहा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि परीक्षा के कड़े नियमों और फिजिक्स के कठिन स्तर को देखते हुए इस बार कट-ऑफ में गिरावट देखने को मिल सकती है। एनटीए द्वारा आगामी 24 जून तक आधिकारिक प्रोविजनल आंसर-की जारी किए जाने की उम्मीद है। इस सफल और विवाद-मुक्त आयोजन के बाद शिक्षा मंत्रालय ने राहत की सांस ली है और पूरी प्रक्रिया के पारदर्शी होने का दावा किया है।