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भारत में शिव योगियों के योगी हैं तथा कृष्ण को योगेश्वर कहा जाता है- ब्रह्मा जी

रांची:विश्व योग दिवस के अवसर पर विद्या भारती, झारखंड में योग अभ्यास का सत्र आयोजित किया गया। इस मौके पर विद्या भारती के अखिल भारतीय मंत्री, ब्रह्मा जी राव ने कहा कि योग भारत की प्राचीन विद्या है ।सदियों से भारतीय इसका अभ्यास करते आ रहे हैं ।12 वर्ष पूर्व जब इसे संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा मनाने का निर्णय लिया तो इसका प्रचार प्रसार विश्व के पटल पर हुआ ।आज दुनिया योग को अपना रही है। इसका लाभ ले रही है ।भारत में अनेक साधु ,संत ,महात्मा योगी हुए। आधुनिक भारत में सत्यानंद सरस्वती ,विवेकानंद, वीएस अयंगर, बाबा रामदेव एवं श्री श्री रविशंकर इसके वाहक हैं ।विद्या भारती ने भी योग को एक केन्द्रीय विषय के रूप में रखा है।अपना आहार विहार को ठीक कर नित्य योगासन एवं प्राणायाम को जीवन में स्थान देकर हम लोग अपने आयु को वास्तविक आयु से पीछे धकेल सकते हैं। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग का विषय भी यही है।

योग मनुष्य को स्वस्थ एवं दीर्घायु बनता है: -योगाचार्य मनोज

इसके पूर्व योगाचार्य मनोज भारद्वाज ने विद्या भारती के कार्यकर्ताओं तथा समाज से आए हुए नागरिकों को योगासन एवं प्राणायाम के गुर बताए।एक घंटे के इस सत्र में योग गुरु ने बैठकर,लेटकर तथा खड़े होकर करने वाले आसनों को कराया तथा इसके लाभों को बताया। बकौल योग गुरु,योग मनुष्य को दीर्घायु तथा रोग रहित रखता है। वज्रासन, शशांक आसन, अर्ध उष्ट्रासन,दोलासन, पवनमुक्तासन, भुजंगासन के साथ-साथ संधि योग तथा प्राणायाम में अनुलोम विलोम, कपालभाति भास्त्रीका, भ्रामरी, प्रणव का जाप के साथ-साथ अन्य प्राणायामों को कराया। इस मौके पर विद्या विकास समिति झारखंड के प्रदेश सचिव नकुल कुमार शर्मा भी उपस्थित थे। शांति मंत्र के साथ योग अभ्यास सत्र का समापन हुआ।

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