NEWS7AIR

नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्दीकरण पर भारी आक्रोश: जन सुराज पार्टी के नेता रमेश सिंह ने सरकारी विफलता और प्रणालीगत भ्रष्टाचार को ठहराया 22 लाख छात्रों के भविष्य की बर्बादी का जिम्मेदार

औरंगाबाद (बिहार): नीट यूजी 2026 परीक्षा के हालिया रद्दीकरण ने देशव्यापी आक्रोश को जन्म दे दिया है, जिसके बाद विभिन्न राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहने पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसी कड़ी में औरंगाबाद, बिहार से जन सुराज पार्टी के वरिष्ठ नेता रमेश सिंह ने एक बेहद तीखा बयान जारी किया है। उन्होंने इस रद्दीकरण को महज एक प्रशासनिक चूक मानने से साफ इनकार करते हुए इसे 22 लाख युवा परीक्षार्थियों के भविष्य के साथ किया गया एक सुनियोजित खिलवाड़ करार दिया है। सिंह ने आरोप लगाया कि पूरी सरकारी मशीनरी संस्थागत भ्रष्टाचार के आगे घुटने टेक चुकी है, जिससे शिक्षा माफिया को बिना किसी डर के काम करने की खुली छूट मिल गई है।

जन सुराज पार्टी के वरिष्ठ नेता ने इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने के सरकार के फैसले की कड़ी आलोचना की। उन्होंने इसे जनता के गुस्से को दबाने और ध्यान भटकाने वाली एक सामान्य प्रशासनिक रणनीति बताया। देश की परीक्षा प्रणाली में बार-बार होने वाली विफलताओं को रेखांकित करते हुए उन्होंने ध्यान दिलाया कि साल 2017, 2021 और 2024 में भी बड़े पैमाने पर पेपर लीक हुए थे, जिसने परीक्षाओं की शुचिता को पूरी तरह नष्ट कर दिया था। सिंह ने पिछले मामलों के मास्टरमाइंडों की मौजूदा स्थिति पर सवाल उठाते हुए कानूनी और राजनीतिक व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अपराधियों को कड़ी सजा देने के बजाय उन्हें आसानी से रिहा कर दिया गया, जिससे उनके हौसले बुलंद हुए और वे अगले पेपर लीक की साजिश रचने के लिए आजाद हो गए। उनका स्पष्ट मानना है कि प्रशासनिक तंत्र के उच्च पदों पर बैठे लोगों की मिलीभगत के बिना कोई भी बड़ा पेपर लीक संभव नहीं है।

रमेश सिंह ने सार्वजनिक शिक्षा क्षेत्र की इस बदहाली के पीछे एक गहरी राजनीतिक साजिश होने का भी दावा किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें जानबूझकर शिक्षा व्यवस्था को सुधारना नहीं चाहतीं, क्योंकि एक शिक्षित और जागरूक युवा पीढ़ी सत्ता में बैठे लोगों से सीधे सवाल पूछेगी और अपनी जवाबदेही मांगेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की जनता एक बेहतर और पारदर्शी शासन की उम्मीद में अपना कीमती वोट देती है, लेकिन बदले में उन्हें केवल व्यवस्था की ओर से धोखा मिलता है। छात्रों के परिवारों पर पड़ने वाले भारी मानसिक और आर्थिक बोझ का जिक्र करते हुए सिंह ने पूछा कि आखिर इन होनहार बच्चों की कड़ी मेहनत और उनके माता-पिता के जीवनभर के बलिदानों की कीमत कौन चुकाएगा? छात्रों के हक की इस लड़ाई को आगे बढ़ाने का संकल्प लेते हुए जन सुराज नेता ने पूर्ण पारदर्शिता और तत्काल जवाबदेही की मांग की तथा “जय बिहार! जय जय बिहार!!” के बुलंद नारों के साथ अपने वक्तव्य को समाप्त किया।

You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.