हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग और चतरा सीमा पर स्थित खपिया के घने जंगलों में शुक्रवार को सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ एक निर्णायक जीत हासिल की है। ‘ऑपरेशन कोटिनीर’ (Ops – KotiNeer) के तहत की गई इस कार्रवाई में भाकपा (माओवादी) के चार बड़े नक्सलियों को मार गिराया गया है, जिससे इस क्षेत्र में सक्रिय माओवादी दस्ते का लगभग पूरी तरह सफाया हो गया है।
झारखंड पुलिस और 209 कोबरा बटालियन को गुप्त सूचना मिली थी कि रीजनल कमेटी सदस्य सहदेव महतो अपने दस्ते के साथ केरेडारी थाना क्षेत्र के खपिया जंगल में मौजूद है। इस सूचना पर संयुक्त अभियान चलाया गया। दोपहर करीब 13:00 बजे जब सुरक्षा बल जंगल में पहुंचे, तो नक्सलियों के साथ उनकी सीधी मुठभेड़ हो गई।
मारे गए नक्सलियों की पहचान
मुठभेड़ के बाद चलाए गए सर्च ऑपरेशन में पुलिस ने चार शव और आधुनिक हथियार बरामद किए हैं। मारे गए नक्सलियों में प्रमुख नाम शामिल हैं:
* सहदेव महतो: रीजनल कमेटी सदस्य, जिस पर 15 लाख रुपये का इनाम था और 41 मामले दर्ज थे।
* रंजीत गंजू: जोनल कमेटी सदस्य, 10 लाख रुपये का इनामी।
* नताशा: सब-जोनल कमेटी सदस्य, जो मूल रूप से महाराष्ट्र के गढ़चिरौली की रहने वाली थी।
* बुधन करमाली: एरिया कमांडर, जिस पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
भारी मात्रा में हथियार बरामद
घटनास्थल से पुलिस ने दो AK-47 राइफल, एक कोल्ट AR-15 राइफल और एक इंसास राइफल बरामद की है। इसके अलावा नक्सलियों के दैनिक उपयोग का सामान भी जब्त किया गया है। (
मुख्यधारा में लौटने की अपील
झारखंड पुलिस ने इस अभियान को एक बड़ी सफलता बताते हुए अन्य बचे हुए उग्रवादियों से आत्मसमर्पण करने की अपील की है। पुलिस मुख्यालय ने संदेश दिया है कि नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़ें और सरकार की ‘आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति’ का लाभ उठाकर समाज की मुख्यधारा में शामिल हों।
