शिक्षा हित के मुद्दों पर संयुक्त शिक्षक मोर्चा मुखर, अक्टूबर में होगा राज्यस्तरीय शिक्षक संगोष्ठी
शिक्षा विभाग कर रहा है मनमानी, शिक्षक हो रहे हैं प्रताड़ित
रांची: झारखंड प्रदेश संयुक्त शिक्षक मोर्चा की एक अति महत्वपूर्ण बैठक धुर्वा स्थित भारतीय मजदूर संघ के कार्यालय में हुई जिसमें संयुक्त शिक्षक मोर्चा में शामिल सभी पांच संगठनों यथा राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, झारखंड राज्य उर्दू शिक्षक संघ, झारखंड प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ, झारखंड स्टेट प्राईमरी टीचर्स एसोसिएशन तथा राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (+2 संवर्ग) के प्रदेश एवं जिला पदाधिकारी शामिल हुए। प्रदेश संयोजक मंगलेश्वर उराँव की अध्यक्षता में बैठक संपन्न हुई।
उक्त बैठक में शिक्षा एवं शिक्षक हित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग की गई।
मोर्चा के प्रदेश संयोजक अमीन अहमद एवं प्रदेश प्रवक्ता अरुण कुमार दास ने कहा कि वर्षों से राज्य के हजारों विद्यालयों में सिर्फ एक ही शिक्षक कार्यरत है जिससे छात्रों का पठन – पाठन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, लेकिन विभाग द्वारा अब तक कोई पहल नहीं किया गया है, आखिर सरकार की अति महत्वपूर्ण गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा योजना के लिए जिम्मेवार कौन है?
इसके साथ ही विषयवार पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता, आवश्यकता पड़ने पर तत्काल व्यवस्था के रूप में घंटी आधारित शिक्षकों की नियुक्ति तथा शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त कर केवल पठन-पाठन के लिए स्वतंत्र करने की मांग जोरदार तरीके से की गई ताकि राज्य के नौनिहालों की भविष्य संवर सके और सरकारी विद्यालयों को बदनाम करने की कुत्सित साजिश नाकाम हो सके।
मोर्चा ने राज्य के अन्य कर्मचारियों एवं कल्याण विभाग के शिक्षकों की तर्ज पर शिक्षकों को एम० ए० सी० पी० का लाभ, छठे वेतन आयोग की अनुशंसा के अनुरूप उत्क्रमित वेतनमान तथा वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार विशेष टेट (TET) परीक्षा आयोजित करने की मांग मुख्य रूप से शामिल है।
इसके अतिरिक्त पिछले वर्ष से लंबित विद्यालय विकास एवं कुकिंग कॉस्ट की राशि में बाजार मूल्य के अनुरूप वृद्धि कर यथाशीघ्र विद्यालयों को आबंटित करने, विद्यालयों के वित्तीय एवं सामाजिक अंकेक्षण के नाम पर शिक्षकों के कथित आर्थिक भयादोहन पर रोक लगाने की मांग भी की गई है।
इसके साथ ही मोर्चा ने दिवंगत उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया, साथ ही स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग में लंबे समय से रिक्त मंत्री पद पर योग्य मंत्री की नियुक्ति की मांग की गई है ताकि राज्य के शिक्षा व्यवस्था को गति मिल सके।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि शिक्षा एवं शिक्षक हित के मुद्दों को लेकर आगामी अक्टूबर माह में रांची में वृहद राज्यस्तरीय शिक्षक संगोष्ठी आयोजित की जाएगी, जिसमें राज्य भर से सैकड़ों शिक्षक शामिल होंगे।
बैठक में मोर्चा के प्रदेश संयोजक विजय बहादुर सिंह, अमीन अहमद, मंगलेश्वर् उराँव, डॉ० सुधांशु कुमार सिंह, प्रदेश प्रवक्ता अरुण कुमार दास, मुमताज अहमद, अंजय अग्रवाल, संजय कुमार राय, रामकुमार साहू, जीवन नाथ तिवारी, सुभाष कुमार, लक्ष्मी नारायण तिवारी, राम कुमार झा, धर्मदेव प्रसाद, गणेश चंद्र शुक्ला, पंकज कुमार, राकेश कुमार श्रीवास्तव सहित रामगढ़, गुमला, लोहरदगा, रांची आदि जिला से बड़ी संख्या में शिक्षक प्रतिनिधि शामिल हुए जिन्होंने शिक्षा एवं शिक्षक हित के मुद्दों पर अपना बहुमूल्य विचार रखा।