खिलाड़ियों के सम्मान में सरकार की त्वरित कार्रवाई: 493 पदक विजेताओं के लिए ₹4.51 करोड़ की प्रोत्साहन राशि को दी मंजूरी
रांची: झारखंड सरकार ने राज्य के होनहार खिलाड़ियों के हित में एक बड़ा और संवेदनशील कदम उठाया है। विपक्ष द्वारा खेल विभाग के कार्यालय में मेडल विजेता बेटी के झाड़ू लगाने के मुद्दे पर सवाल उठाए जाने के बाद, सरकार ने मामले पर पहले ही संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्रवाई कर दी है। खेल निदेशालय की उच्चस्तरीय समिति ने एक महत्वपूर्ण बैठक कर राज्य के 493 पदक विजेताओं के लिए कुल ₹4.51 करोड़ की नकद सम्मान राशि को हरी झंडी दे दी है。
अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, खेल विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया में कड़ा रुख अपनाते हुए पूरी पारदर्शिता के साथ आवेदनों की स्क्रूटनी पूरी की है। सरकार द्वारा की गई इस त्वरित कार्रवाई के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
आवेदनों का निष्पक्ष निपटारा: विभिन्न जिलों से 1 अप्रैल 2024 से 31 जनवरी 2026 के बीच जीते गए मेडल के लिए कुल आवेदन मिले थे। खेल विभाग ने गहनता से प्रमाणपत्रों की जांच की, जिसमें नियमों के अनुरूप न पाए जाने वाले आवेदनों को खारिज किया गया और अंतिम रूप से 493 योग्य एथलीटों का चयन किया गया。
24 विधाओं के खिलाड़ी लाभान्वित: इस राशि से हॉकी, फुटबॉल, तीरंदाजी, एथलेटिक्स, कुश्ती, बॉक्सिंग और पैरा स्पोर्ट्स सहित 24 अलग-अलग खेलों के खिलाड़ियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। इन विजेताओं ने कुल 241 स्वर्ण, 136 रजत और 107 कांस्य पदक जीते हैं।
विवादित मामले पर सरकार का एक्शन और स्थिति साफ
सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में रांची की पैरा-वॉलीबॉल खिलाड़ी सुनीता कुमारी की स्थिति को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर भी विभाग ने स्पष्टता दी है。 खेल निदेशालय के कार्यालय में सफाई कर्मचारी के रूप में काम करने वाली सुनीता कुमारी को लेकर सरकार ने पहले ही आवश्यक कदम उठा लिए हैं.
* ₹75,000 की सम्मान राशि स्वीकृत: नेशनल पैरा वॉलीबॉल प्रतियोगिता में रजत पदक जीतने के लिए सुनीता कुमारी के नाम को आधिकारिक तौर पर स्वीकृत कर लिया गया है और उन्हें ₹75,000 की पुरस्कार राशि दी जा रही है。
* दस्तावेजों का हुआ पूर्ण सत्यापन: विभाग ने स्पष्ट किया है कि खिलाड़ी सुनीता का आवेदन जिला खेल कार्यालय (DSO) द्वारा अनुशंसित होकर आया था। खेल एसोसिएशन के माध्यम से उनके खेल क्रेडेंशियल्स और दस्तावेजों की पूरी तरह से जांच और प्रामाणिकता की पुष्टि करने के बाद ही समिति ने इस पर अपनी अंतिम मुहर लगाई है।
सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि खिलाड़ियों के कल्याण के लिए वे पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। शेष बचे हुए अन्य मामलों और प्रशिक्षकों (कोचों) के आवेदनों की समीक्षा के लिए बहुत जल्द ही अगली बैठक बुलाई जाएगी ताकि किसी भी योग्य प्रतिभागी को उनके हक से वंचित न रहना पड़े।
