राॅची: झारखण्ड रेल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने सोमवार को हटिया रेल थाने का औचक निरीक्षण किया। दोपहर लगभग 15:00 बजे पुलिस महानिरीक्षक (रेल), डॉ. माइकलराज एस. (भा.पु.से.) और पुलिस उप-महानिरीक्षक (रेल), श्री आलोक प्रियदर्शी (भा.पु.से.) संयुक्त रूप से थाने पहुंचे।
नए कानूनों की समीक्षा और जागरूकता
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने थाने में तैनात पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों से देश में लागू हुए तीन नए कानूनों—भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA)—के कार्यान्वयन के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कर्मियों को इन कानूनों की बारीकियों को समझने और इनके प्रभावी उपयोग पर जोर दिया।
रेल अपराधों पर नकेल कसने के निर्देश
ट्रेनों और स्टेशन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए:
* साईबर क्राईम: रेल यात्रियों के साथ होने वाली डिजिटल धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के उपाय साझा किए।
* मानव तस्करी: ट्रेनों के माध्यम से होने वाली बच्चों और महिलाओं की तस्करी को रोकने के लिए सतर्कता बढ़ाने को कहा।
* नशा तस्करी: मादक पदार्थों की अवैध आवाजाही रोकने हेतु सघन चेकिंग के निर्देश दिए गए।
कर्मियों की समस्याओं का निवारण
निरीक्षण के अंत में डॉ. माइकलराज एस. ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से उनके आवासन (आवास) और ड्यूटी के दौरान आने वाली व्यावहारिक समस्याओं के बारे में भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस प्रशासन कर्मियों की मूलभूत सुविधाओं और कार्यस्थल की समस्याओं के समाधान हेतु निरंतर प्रयास कर रहा है।
डॉ. माइकलराज एस. झारखण्ड कैडर के 2006 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं। उनके पास कृषि विज्ञान में स्नातकोत्तर (M.Sc. Agriculture) और पीएच.डी. की उपाधि है। वे मूल रूप से तमिलनाडु के रहने वाले हैं। झारखण्ड में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों (जैसे आईजी ऑपरेशंस और बोकारो जोनल आईजी) पर रहने के अलावा, वे सीबीआई (CBI) में पुलिस अधीक्षक और उप-महानिरीक्षक (DIG) के रूप में भी सेवा दे चुके हैं। वर्तमान में वे पुलिस महानिरीक्षक (IG), रेल, झारखण्ड के पद पर कार्यरत हैं और उन्हें विभाग में एक अनुशासित और कार्यकुशल अधिकारी के रूप में जाना जाता है।