राँची: हर वर्ष की भाँति इस वर्ष भी ‘भगत सिंह फाउंडेशन’ द्वारा हरमू स्थित भगत सिंह पार्क में शहीद-ए-आजम भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का शहादत दिवस अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने वर्तमान वैश्विक और राष्ट्रीय परिदृश्य में भगत सिंह के विचारों की प्रासंगिकता पर बल दिया।
क्रांतिकारी गीतों से गूंजा परिसर
कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर 12 बजे क्रांतिकारी गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुई। देशभक्तिपूर्ण रचनाओं ने पूरे वातावरण को जोश और गौरव से भर दिया। उपस्थित जनसमूह ने शहीदों की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
पूँजीवाद और साम्राज्यवाद पर प्रहार
सभा को संबोधित करते हुए फाउंडेशन के अध्यक्ष जयशंकर चौधरी ने कहा कि आज देश और दुनिया की जो स्थिति है, उसमें किसान, नौजवान, गरीब और मजदूर लगातार पूँजीपतियों के शोषण का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “विश्व स्तर पर अमेरिका आज साम्राज्यवाद और अधिनायकवाद का खूँखार रूप अख्तियार कर चुका है। वेनेजुएला के राष्ट्राध्यक्ष को जबरन पदच्युत करना और ईरान पर किए गए हमले इसके ज्वलंत उदाहरण हैं।”
इंकलाबी रास्ता ही एकमात्र समाधान
विशिष्ट वक्ता अनुज तिवारी ने इस बात पर जोर दिया कि आज के दौर में भगत सिंह के विचार केवल इतिहास की वस्तु नहीं, बल्कि अन्याय के खिलाफ लड़ने का सबसे बड़ा हथियार हैं। जब तक समाज में शोषण जारी रहेगा, भगत सिंह का इंकलाबी रास्ता ही मानवता को सही दिशा दिखाएगा।
वहीं, कांके विधानसभा से सीपीआई प्रत्याशी संतोष रजक ने युवाओं का आह्वान करते हुए उन्हें भगत सिंह के पदचिन्हों पर चलने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने की प्रेरणा दी।
गणमान्य जनों की उपस्थिति
कार्यक्रम में कई गणमान्य एवं प्रतिष्ठित लोग शामिल हुए, जिनमें वार्ड संख्या 26 के पार्षद प्रदीप कुमार, वरिष्ठ कॉंग्रेस नेता रिंकू वर्मा और माही फाउंडेशन के अध्यक्ष इबरार अहमद मुख्य रूप से उपस्थित थे। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि शहीदों का सपना एक ऐसे भारत का था जहाँ धर्म, जाति या वर्ग के आधार पर किसी का शोषण न हो। बुद्धिजीवी एवं सेवानिवृत्त इंजीनियर प्रयाग दुबे, सामाजिक कार्यकर्ता आफताब जमील, जेएमएम के नेता पवन जेडिया, सीपीआई के जिला सचिव अजय सिंह, एम.डी. शकील, मुर्शिद भाई, रवीन्द्र सिंह ‘बिट्टू’, बसंत कुमार, रमेश सिंह, अर्जुन राम, मनोज कुमार, श्यामल चक्रवर्ती (इप्टा), प्रेम कुमार (इप्टा, पलामू), अजय सिंह आदि मौजूद थे।