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रांची जंक्शन पर अव्यवस्था का अंबार: सुबह की भीड़ में सिर्फ दो काउंटर खुले, यात्री बेहाल

रांची: राजधानी के मुख्य रेलवे स्टेशन, रांची जंक्शन पर सोमवार की सुबह यात्रियों के लिए भारी मुसीबत लेकर आई। जहाँ एक ओर प्लेटफॉर्म पर एक के बाद एक कई ट्रेनें प्रस्थान (Departure) के लिए कतार में खड़ी थीं, वहीं टिकट हॉल में यात्रियों की भारी भीड़ के बीच हाहाकार मचा रहा। हैरानी की बात यह रही कि इतनी भीड़ के बावजूद रेलवे प्रशासन ने मात्र दो टिकट काउंटर खोल रखे थे।

टिकट के लिए लगी लंबी कतारों में न केवल सामान्य यात्री, बल्कि महिलाएं और बुजुर्ग भी पिसते नजर आए। नियमों के बावजूद महिला काउंटर और सीनियर सिटीजन काउंटर बंद पड़े थे, जिससे बुजुर्गों को घंटों खड़े रहने पर मजबूर होना पड़ा। वहीं, स्टेशन पर लगी वेंडिंग मशीनें (ATVM) भी इतनी धीमी गति से चल रही थीं कि यात्रियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया।

इस पूरी अव्यवस्था पर पैनी नजर रख रहे आरटीआई (RTI) एक्टिविस्ट सर्वेश कुमार सिंह ने मौके पर मौजूद रहकर स्थिति का जायजा लिया और रेल प्रशासन की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाए।

सर्वेश कुमार सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “यह पूरी तरह से कुप्रबंधन का मामला है। जब रेलवे को पता है कि सुबह के वक्त ट्रेनों का दबाव सबसे ज्यादा रहता है, तो सिर्फ दो काउंटर खोलना यात्रियों के साथ भद्दा मजाक है। कम से कम 4 से 5 काउंटर चालू रहने चाहिए ताकि किसी को अपनी ट्रेन न छोड़नी पड़े। महिला और बुजुर्ग काउंटरों का बंद होना संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।”

उन्होंने आगे कहा कि वह इस मामले में आरटीआई (RTI) दाखिल कर जवाब मांगेंगे कि पीक आवर्स (Peak Hours) में स्टाफ की तैनाती इतनी कम क्यों रहती है और खराब वेंडिंग मशीनों की मरम्मत समय पर क्यों नहीं की जाती।

स्टेशन पर मौजूद कई यात्रियों ने शिकायत की कि काउंटर पर काम की रफ्तार बेहद धीमी है, जिसके कारण कई लोगों की ट्रेन छूटने की नौबत आ गई। यात्रियों ने रेल मंडल प्रबंधक (DRM) से मांग की है कि सुबह के समय काउंटरों की संख्या बढ़ाई जाए ताकि आम जनता को इस मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से मुक्ति मिल सके।

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