रांची: झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूजे) के अर्थशास्त्र एवं विकास अध्ययन विभाग (DEDS) द्वारा “नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म्स एंड इंडिया’स ग्रोथ पोटेंशियल: सेक्टोरल इम्प्लिकेशंस एंड पॉलिसी पर्सपेक्टिव्स” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन 10 और 11 मार्च 2026 को किया जायेगा। सम्मेलन का आयोजन विश्वविद्यालय के एकेडमिक बिल्डिंग–I स्थित ऑडिटोरियम में होगा। इसमें देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों और नीति निर्माण से जुड़े विशेषज्ञ भाग लेंगे।
सम्मेलन का उद्देश्य वस्तु एवं सेवा कर (GST) के बदलते स्वरूप, उससे जुड़े सुधारों और भारत की आर्थिक वृद्धि में उसकी भूमिका पर गहन चर्चा करना है। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ यह विचार साझा करेंगे कि अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार किस प्रकार भारत की राजकोषीय व्यवस्था को मजबूत बना सकते हैं, कर अनुपालन को बेहतर कर सकते हैं और देश के सतत आर्थिक विकास को गति दे सकते हैं। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों पर जीएसटी नीतियों के प्रभाव और अप्रत्यक्ष कर प्रणाली में उभर रही चुनौतियों पर भी विमर्श किया जायेगा।
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में N. R. Bhanumurthy, निदेशक, Madras School of Economics उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम का आयोजन Sarang Madhekar, कुलपति, Central University of Jharkhand के संरक्षण में किया जा रहा है। वहीं अर्थशास्त्र और लोक वित्त के प्रख्यात विद्वान जे वी एम शर्मा सम्मेलन में अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त अर्थशास्त्री Santosh Mehrotra भी अपने विचार रखेंगे। वे Higher School of Economics, मॉस्को में लीड रिसर्च फेलो, IZA Institute of Labour Economics, बॉन के रिसर्च फेलो तथा University of Bath, यूके के सेंटर फॉर डेवलपमेंट स्टडीज में विजिटिंग प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं।
इसके अलावा झारखंड राज्य कर विभाग के सहायक आयुक्त सुबोध कुमार और आत्मचैतन्य चौधरी सम्मेलन में विशेष संबोधन देंगे। वे जीएसटी प्रशासन, इसके क्रियान्वयन की चुनौतियों तथा कर प्रणाली में सुधार से जुड़े व्यावहारिक अनुभव साझा करेंगे।
सम्मेलन का आयोजन Sanhita Sucharita, एसोसिएट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, अर्थशास्त्र एवं विकास अध्ययन विभाग के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। वहीं Ashish Kumar Meher, सहायक प्रोफेसर, सह-संयोजक के रूप में कार्यक्रम का समन्वय कर रहे हैं।
दो दिवसीय इस सम्मेलन में विभिन्न तकनीकी सत्र आयोजित किये जायेंगे, जिसमें देशभर से आये शोधार्थी और शिक्षाविद् अपने शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे तथा जीएसटी सुधार और आर्थिक विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी।