रांची: झारखंड में ट्रैफिक ई-चालान जमा करने की सरकारी व्यवस्था पिछले 6 महीने से ठप पड़ी है। राज्य सरकार का अपना ई-चालान पोर्टल काम नहीं कर रहा, जबकि केंद्र सरकार के http://parivahan.gov.in पोर्टल पर लगातार सर्वर एरर आ रहा है। नतीजा, आम लोग मजबूरी में थर्ड पार्टी प्राइवेट ऐप और वेबसाइटों से भुगतान कर रहे हैं, जहां सेटलमेंट फीस और GST के नाम पर दोगुना-तिगुना पैसा वसूला जा रहा है।
लूट के तीन उदाहरण:
1. जोड़ा तालाब केस:नगलत पार्किंग के लिए बुलेट पर 150 रुपये का चालान। थर्ड पार्टी पर भुगतान करने पर कुल बिल – *349.42 रुपये।* इसमें 169 रुपये सेटलमेंट फीस + 30.42 रुपये GST।
2. धुर्वा की पूजा कुमारी: कुल 2000 रुपये (1000+1000) के दो चालान। थर्ड पार्टी ने मांगे – *2446.04 रुपये।* यानी 446 रुपये एक्स्ट्रा।
3. रातू रोड के मनोज: 400 रुपये के चालान पर थर्ड पार्टी पोर्टल ने मांगे – 1119 रुपये।
सबसे बड़ा सवाल – परिवहन विभाग का निजी वाहन डेटा इन प्राइवेट कंपनियों तक कैसे पहुंचा? लोगों का आरोप है कि बिना सहमति के डेटा लीक हो रहा है और सरकार मौन है।