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तीरंदाजी का अनुशासन पुलिस सेवा के लिए भी जरूरी, साइबर अपराधों से सतर्क रहें नागरिक: राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार

राँची: झारखण्ड के माननीय राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार ने आज खेलगाँव, राँची स्थित बिरसा मुण्डा एथलेटिक्स स्टेडियम में 15वीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता का भव्य उद्घाटन किया। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने खेल और पुलिस सेवा के अंतर्संबंधों को रेखांकित किया और वर्तमान दौर में साइबर अपराधों से बचने के लिए नागरिकों को महत्वपूर्ण सलाह दी।

तीरंदाजी और पुलिस सेवा के गुण एक समान

खिलाड़ियों और पुलिस बल को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि तीरंदाजी केवल एक खेल नहीं है, बल्कि यह एकाग्रता, धैर्य, सटीकता और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि पुलिस सेवा में भी ठीक इन्हीं गुणों की सबसे ज़्यादा आवश्यकता होती है। विपरीत परिस्थितियों का सही आकलन करना, विवेकपूर्ण निर्णय लेना और अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित रहना ही एक प्रभावी पुलिस व्यवस्था के असली आधार स्तंभ हैं। उन्होंने देश भर से आए खिलाड़ियों से पूरे समर्पण, अनुशासन और खेल भावना के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का आह्वान किया।

झारखण्ड है ‘Land of Archery’

राज्यपाल महोदय ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि झारखण्ड को पूरे देश में ‘Land of Archery’ (तीरंदाजी की भूमि) के रूप में जाना जाता है। यहाँ के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी बेमिसाल उपलब्धियों से राज्य और देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने देश में बढ़ रही खेल संस्कृति का श्रेय माननीय प्रधानमंत्री के नेतृत्व को देते हुए कहा कि ‘खेलो इंडिया’ जैसी पहलों ने युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के बेहतरीन अवसर दिए हैं और खेलों के प्रति एक नई जागरूकता पैदा की है।

बदलते दौर में आधुनिक और सतर्क पुलिसिंग की ज़रूरत

पुलिस बल को देश की आंतरिक सुरक्षा का मेरुदंड बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना और नागरिकों की रक्षा करना पुलिस का प्राथमिक दायित्व है। हालांकि, बदलते समय के साथ अपराधों का स्वरूप भी डिजिटल और जटिल हो गया है। ऐसे में उन्होंने पुलिस को आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक पद्धतियों और नवीनतम साधनों का प्रभावी उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पुलिस की असली सफलता सिर्फ अपराध होने के बाद कार्रवाई करने में नहीं, बल्कि अपराधों को रोकने और जनता में सुरक्षा का विश्वास जगाने में है।

संदिग्ध APK फाइलों से रहें सावधान: साइबर ठगी पर बड़ी चेतावनी

समारोह के दौरान राज्यपाल ने नागरिकों को साइबर अपराध और डिजिटल धोखाधड़ी के प्रति विशेष रूप से सतर्क किया। उन्होंने एक बड़े खतरे की ओर इशारा करते हुए कहा कि आजकल ट्रैफिक चालान या अन्य जरूरी सूचनाओं के नाम पर मोबाइल फोन पर संदिग्ध APK फाइलें भेजी जा रही हैं, जिनके ज़रिए लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि वे मोबाइल पर आने वाली ऐसी किसी भी अज्ञात फाइल को खोलने से बचें और किसी भी सूचना की सत्यता की पुष्टि केवल आधिकारिक माध्यमों से ही करें। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध को रोकने के लिए पुलिस की तकनीकी दक्षता के साथ-साथ जन-जागरूकता भी बेहद ज़रूरी है।

शारीरिक और मानसिक रूप से सुदृढ़ बने पुलिस बल

राज्यपाल ने कहा कि पुलिसकर्मियों के लिए शारीरिक फिटनेस जितनी जरूरी है, उतनी ही मानसिक दृढ़ता भी आवश्यक है। नियमित खेल और व्यायाम कठिन परिस्थितियों में संयम और आत्मविश्वास बनाए रखने में मदद करते हैं। उन्होंने अंत में कहा कि पुलिस और जनता के बीच आपसी विश्वास और सहयोग ही प्रभावी पुलिसिंग की आधारशिला है। नागरिकों की समस्याओं को संवेदनशीलता से सुनना पुलिस का मुख्य कर्तव्य होना चाहिए।

इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता के सफल आयोजन की जिम्मेदारी झारखण्ड पुलिस को मिलने पर उन्होंने राज्य को बधाई दी और कहा कि यह आयोजन विभिन्न राज्यों के पुलिस बलों के बीच आपसी सौहार्द, अनुभव साझा करने और टीम भावना को मजबूत करने का एक शानदार मंच साबित होगा।

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