पटना के गर्दनीबाग में ग्राम कचहरी न्यायमित्रों का महाधरना: मानदेय वृद्धि और चौधरी कमेटी की सिफारिशें लागू करने की मांग
पटना: बिहार की राजधानी पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर ग्राम कचहरी न्यायमित्र संघ, बिहार के तत्वावधान में तीन दिवसीय (5, 6 और 7 अक्टूबर 2026) राज्य स्तरीय महाधरना आयोजित किया गया। आंदोलन के दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में प्रदेशभर से आए न्यायमित्रों ने सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की और एक सम्मानजनक मानदेय वृद्धि की मांग को दोहराया।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्य रूप से दो प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखी हैं:
• सम्मानजनक मानदेय/फीस वृद्धि: न्यायमित्रों का कहना है कि उन्हें वर्तमान में बेहद कम मानदेय मिल रहा है, जिसे तुरंत बढ़ाया जाना चाहिए। पंचायती राज विभाग के उस पत्र को शीघ्र स्वीकृत करने की अपील की गई है, जिसमें 1 जुलाई 2025 से मानदेय बढ़ाने का उल्लेख है।
• चौधरी कमेटी की अनुशंसाएं: मंत्रिपरिषद द्वारा स्वीकृत संविदा कर्मियों (न्यायमित्रों) के लिए चौधरी कमेटी की सिफारिशों को शत-प्रतिशत लागू किया जाए।
संघ के अध्यक्ष रमा शंकर राय ने वर्तमान स्थिति पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि साल 2007 से लगातार सेवा दे रहे न्यायमित्रों को 19 वर्षों के लंबे कार्यकाल के बाद भी महज 7,000 रुपये प्रति माह मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि साल 2015 के बाद से उनके मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
धरना प्रदर्शन में शामिल महिला प्रतिनिधियों बरखा कुमार, सुनीता कुमारी, अर्चना कुमारी और प्रीति कुमारी ने संयुक्त रूप से कहा कि इतनी अल्प मानदेय राशि में महिला न्यायमित्रों के लिए अपने पारिवारिक और सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करना बेहद कठिन हो गया है। ‘न्यायमित्र एकता जिंदाबाद’ के नारों के साथ प्रदर्शनकारियों ने साफ किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका संघर्ष जारी रहेगा।