रांची: वनवासी कल्याण केन्द्र, झारखण्ड (रांची महानगर) की ओर से आगामी को आरोग्य भवन, बरियातू में दो दिवसीय “वन सब्जी बाजार” का आयोजन किया जा रहा है। “स्वास्थ्य का आधार, जनजातीय आजीविका का सम्मान” के ध्येय के साथ आयोजित होने वाले इस बाजार का उद्देश्य जनजातीय समाज द्वारा सदियों से संरक्षित वन संपदा, पौष्टिक वन सब्जियों और औषधीय जड़ी-बूटियों को सीधे शहरी समाज से जोड़ना है।
वनों से जन-जन तक पहुँचेगा प्रकृति का संदेश
आयोजकों ने बताया कि जनजातीय समुदायों का जीवन सदियों से वनों के इर्द-गिर्द सिमटा रहा है। वनों में मिलने वाली दुर्लभ और पौष्टिक सब्जियाँ, कंद-मूल और औषधीय जड़ी-बूटियाँ न केवल उनके उत्तम स्वास्थ्य का राज हैं, बल्कि उनकी आजीविका का मुख्य साधन भी हैं। ‘वन सब्जी बाजार’ के माध्यम से इन स्थानीय वन उत्पादों और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) द्वारा तैयार सामग्रियों को एक बड़ा बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। यह पहल ‘वोकल फॉर लोकल’ और ग्राम स्वावलंबन के अभियान को सीधे तौर पर मजबूती प्रदान करेगी।
कार्यक्रम का आकर्षण और समय-सारणी
इस दो दिवसीय आयोजन में आम जनता के लिए कई विशेष आकर्षण रहेंगे:
* दुर्लभ एवं पौष्टिक वन सब्जियों की भव्य प्रदर्शनी एवं बिक्री।
* पारंपरिक औषधीय जड़ी-बूटियों और वन उत्पादों का प्रदर्शन।
* स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प और अन्य घरेलू उत्पादों के स्टॉल।
* जनजातीय संस्कृति, परंपरा और आत्मनिर्भर ग्रामीण जीवन की जीवंत झलक।
गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
कार्यक्रम के उद्घाटन और समापन सत्रों में देश और राज्य के कई वरिष्ठ जनप्रतनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल होंगे:
* उद्घाटन सत्र : मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री सुदर्शन भगत, विशेष अतिथि के रूप में अखिल भारतीय ग्राम विकास टोली के सदस्य सिद्धनाथ सिंह और विशिष्ट अतिथि के रूप में रांची की मेयर रौशनी खलखो उपस्थित रहेंगी।
* समापन सत्र : मुख्य अतिथि के रूप में रांची के सांसद व रक्षा राज्य मंत्री (भारत सरकार) संजय सेठ, विशिष्ट अतिथि के रूप में झारखण्ड हाई कोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष अजीत कुमार और मुख्य वक्ता के रूप में अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के उत्तर मध्य क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री प्रफुल्ल अकान्त उपस्थित रहेंगे।
वनवासी कल्याण केन्द्र के प्रदेश अध्यक्ष सुदन मुंडा, प्रदेश महामंत्री धनंजय सिंह और स्वागत समिति, रांची महानगर ने रांची के सभी नागरिकों से सपरिवार इस बाजार में शामिल होने और जनजातीय संस्कृति व उत्पादों को प्रोत्साहित करने की अपील की है।
