रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के तत्वावधान में आज कांग्रेस भवन, रांची में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष श्री केशव महतो कमलेश, कांग्रेस विधायक दल के नेता श्री प्रदीप यादव, एआईसीसी के संयुक्त सचिव श्री निलेश भाई पटेल एवं श्री विवेक भटनागर मुख्य रूप से उपस्थित थे। जयंती के अवसर पर उपस्थित कांग्रेसजनों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
उपस्थित कांग्रेसजनों को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष श्री केशव महतो कमलेश ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए देश को आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महात्मा गांधी जी का झारखंड से काफी लगाव था। वर्ष 1917 में जब वे रांची आए थे, तब उन्होंने यहां के टाना भगतों को चरखा चलाने का विशेष प्रशिक्षण दिया था। वर्ष 1925 में झारखंड आने पर उन्होंने कोल्हान के हो एवं मुंडा आदिवासियों से विशेष रूप से मुलाकात की। वर्ष 1940 में वे रामगढ़ कांग्रेस अधिवेशन में शामिल हुए। उनका बार-बार झारखंड आना स्वतंत्रता आंदोलन को गति देने में महत्वपूर्ण साबित हुआ।
उन्होंने कहा कि भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी का जीवन सादगीपूर्ण रहा। उनका आचरण हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। उनकी सत्यनिष्ठा, प्रशासनिक क्षमता एवं ईमानदारी की आज भी लोग मिसाल देते हैं। उन्होंने देश को “जय जवान, जय किसान” का नारा दिया। शास्त्री जी पूर्ण रूप से गांधीवादी नेता थे और उनके व्यक्तित्व में गांधी जी के विचारों की स्पष्ट झलक दिखाई देती थी।
कांग्रेस विधायक दल के नेता श्री प्रदीप यादव ने कहा कि जब पूरी दुनिया में अंग्रेजी शासन का साम्राज्य था, तब सत्य और अहिंसा के रास्ते उस साम्राज्य को समाप्त करने का कार्य महात्मा गांधी जी के नेतृत्व में संभव हुआ। आज पूरी दुनिया गांधी जी के विचारों और उनके बताए सत्य एवं अहिंसा के मार्ग का अनुकरण कर रही है। उन्होंने कहा कि गोडसे जैसे लोग महात्मा गांधी के विचारों को दफन करना चाहते हैं, लेकिन मैं गारंटी से कह सकता हूं कि ऐसे लोगों की बुनियाद तक नहीं रहेगी।
श्रद्धासुमन अर्पित करने वालों में सर्वश्री डॉ. जयप्रकाश गुप्ता, रामाश्रय प्रसाद, डॉ. राजेश गुप्ता, लाल किशोर नाथ शाहदेव, आलोक कुमार दूबे, सूर्यकांत शुक्ला, राजीव रंजन प्रसाद, के.के. गिरि, राजन वर्मा, सुरेन राम, डॉ. विनोद सिंह, निरंजन पासवान, राजेश सिन्हा सन्नी, अवध नारायण प्रसाद, विजय यादव, मनोज सहाय पिंकू, जगदीश साहु, नरेन्द्र लाल गोपी, विनजय भारती बल्कू, विनय उरांव, राजू राम, जगरनाथ साहु, नन्दू शर्मा, अजय सिंह, अजय जैन, वीरेन्द्र विक्रम, उमेश चौधरी, संजय कुमार, रामानंद केशरी आदि सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल थे।