Ranchi: राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष्य में बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान,मेसरा में 27 अगस्त 2026 को “खेलो इंडिया संवाद” कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान, मेसरा, राँची के सहयोग से किया गया, जिसे इस कार्यक्रम के आयोजन हेतु श्रेणी-ए के अंतर्गत प्रमुख संस्थानों में से एक के रूप में मान्यता प्राप्त है।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद प्रदीप कुमार वर्मा, विशिष्ट अतिथि और लोकसभा के पूर्व सांसद राम टहल चौधरी, तथा अध्यक्ष के रूप में संस्थान के कुलपति प्रोफेसर इंद्रनील मन्ना उपस्थित रहे।
इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में भारतीय पूर्व क्रिकेटर एम.एस. धोनी के कोच और मार्गदर्शक चंचल भट्टाचार्य, राष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी संजय कुमार, तथा 1984 में लॉस एंजिल्स, अमेरिका में आयोजित ओलंपिक में खेल चुके पूर्व हॉकी खिलाड़ी मनोहर टोप्नो उपस्थित रहे। संस्थान की एनएसएस यूनिट के 400 छात्रों की उपस्थिति के साथ स्थानीय इन्फ्लुएंसर्स तथा लगभग 5000 अन्य कॉलेजों ने भी ऑनलाइन माध्यम से वर्चुअली इस कार्यक्रम में भाग लिया।
खेलो इंडिया संवाद में शामिल स्वयंसेवकों ने कार्यक्रम की शुरुआत युवाओं को संबोधित करते हुए की, जिसमें दैनिक जीवन में खेलों के महत्व, खेलों में भारत की अब तक की उपलब्धियों तथा भारत की खेलो इंडिया पहल के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
इसके उपरांत मुख्य अतिथि प्रदीप कुमार वर्मा ने इस अवसर पर भाषण दिया, जिसमें उन्होंने इस संगोष्ठी के महत्व तथा खेलों के क्षेत्र में भारत की बढ़ती प्रगति पर प्रकाश डाला।
इसके पश्चात, भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी स्वयं वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े, जिनका सभी ने खड़े होकर तालियों के साथ सम्मानपूर्वक स्वागत किया। उन्होंने इस कार्यक्रम के महत्व पर भाषण दिया, युवाओं को संबोधित करते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया तथा नशीले पदार्थों के सेवन से बचने और उसके प्रभाव पर विशेष बल दिया, और अंत में एक सकारात्मक संदेश के साथ अपनी बात समाप्त की।
उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों को संस्थान के ऐक्टिंग कुलपति प्रो. अशोक शरण, कुलसचिव डॉ. राजेश जैन, छात्र मामलों के डीन डॉ. प्रवीण श्रीवास्तव तथा कार्यक्रम समन्वयक, डॉ. ओ.पी. पांडेय द्वारा सम्मानित किया गया ।
कार्यक्रम का समापन नशा मुक्त भारत की शपथ के साथ हुआ, जिसके बाद राष्ट्रगान का गायन किया गया।