Ranchi: भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि जेपीएससी अभ्यर्थियों के 24 दिनों से चल रहे आंदोलन के बाद मुख्यमंत्री द्वारा कैबिनेट की बैठक बुलाना महज आईवॉश है।सरकार अब कैबिनेट और पत्रों की औपचारिकता का खेल बंद करे और छात्रों की सभी मांगों पर तत्काल निर्णायक कार्रवाई करे। प्रतुल ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि छात्रों को दोपहर 2:00 बजे का टाइम दिया गया। उनको गाड़ियों में भी बैठा लिया गया। लंबे इंतजार के बाद गाड़ी से उतार कर कहा गया की वार्ता के समय में परिवर्तन होगा। ऐसा लगता है सरकार छात्रों के धैर्य की परीक्षा लेने पर उतारू है।
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि यह छात्रों का आंदोलन है और उनकी आवाज किसी राजनीतिक दल की मोहताज नहीं है। हजारों युवा अपने भविष्य के लिए सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं। सरकार को यह समझना चाहिए कि युवाओं के धैर्य की परीक्षा लेने की भी एक सीमा होती है।उन्होंने कहा कि जब छात्र बारिश, उमस और प्रतिकूल परिस्थितियों में लगातार आंदोलन कर रहे थे, तब सरकार ने उनकी पीड़ा को गंभीरता से क्यों नहीं लिया?क्या सरकार को 24 दिन तक छात्रों की आवाज सुनाई नहीं दे रही थी? क्या मुख्यमंत्री को छात्रों से संवाद करने के लिए किसी पत्र, किसी नेता या किसी राजनीतिक दबाव का इंतजार था?
प्रतुल ने कहा कि अब केवल कैबिनेट की बैठक बुला कर खानापूर्ति कर आधे अधूरे निर्णय लेना पर्याप्त नहीं है।यह छात्रों के साथ एक और छलावा है। सरकार को स्पष्ट रूप से छात्रों की सभी जायज मांगों को स्वीकार करना होगा और उनके क्रियान्वयन की समयसीमा भी सार्वजनिक करनी होगी।उन्होंने कहा कि छात्रों को लॉलीपॉप नहीं, न्याय चाहिए; आश्वासन नहीं, आदेश चाहिए; बैठक नहीं, समाधान चाहिए। सरकार यह न भूले कि जिन युवाओं के हाथ में कल झारखंड का भविष्य होगा, आज वही युवा सरकार के दरवाजे पर न्याय मांग रहे हैं।प्रतुल ने कहा कि कैबिनेट की बैठक को राजनीतिक मैनेजमेंट का माध्यम न बनाएं सरकार।