Ranchi: केंद्र सरकार ने झारखंड में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य के दो प्रमुख सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अंडरग्रेजुएट (MBBS) और पोस्टग्रेजुएट (PG) सीटों के विस्तार को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है। यह फैसला केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत लिया गया है जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य के मौजूदा बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करना और उच्च शिक्षा के अवसरों को बढ़ाना है।
इस नए निर्देश के बाद धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (SNMMCH) और जमशेदपुर के महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज (MGM) में एमबीबीएस की कुल 250 सीटें बढ़ जाएंगी। विशेष रूप से धनबाद के SNMMCH में एमबीबीएस की सीटें 100 से बढ़कर सीधे 250 हो जाएंगी जबकि जमशेदपुर के MGM में यह संख्या 150 से बढ़कर 250 हो जाएगी।इस बड़े विस्तार को जमीन पर उतारने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर भारी वित्तीय निवेश करेंगी। धनबाद में एमबीबीएस इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए कुल 225 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं जिसमें केंद्रीय हिस्सेदारी 135 करोड़ रुपये की होगी, वहीं जमशेदपुर कॉलेज के लिए 150 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है जिसमें केंद्र सरकार 90 करोड़ रुपये देगी।
केवल स्नातक ही नहीं बल्कि राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए पीजी स्तर पर भी ऐतिहासिक सुधार किया जा रहा है जिसके तहत दोनों संस्थानों को मिलाकर कुल 335 अतिरिक्त पीजी सीटें स्वीकृत की गई हैं।पीजी विस्तार के मामले में धनबाद का SNMMCH सबसे आगे है जहां 25 अलग-अलग विभागों में 186 नई सीटें जोड़ी जाएंगी, जिनमें एमडी मेडिसिन और एनेस्थीसिया के लिए 12-12 सीटें तथा पीडियाट्रिक्स के लिए 10 सीटें शामिल हैं। इस पूरे पीजी अपग्रेडेशन के लिए 279 करोड़ रुपये का बजट तय हुआ है जिसमें केंद्र का हिस्सा 167.40 करोड़ रुपये का होगा।
दूसरी तरफ जमशेदपुर के MGM कॉलेज को 20 विशिष्ट शाखाओं में 149 अतिरिक्त पीजी सीटें मिली हैं, जिसमें एमडी मेडिसिन को 16, गायनोकॉलजी को 15 और एनेस्थीसिया को 12 नई सीटें आवंटित की गई हैं। जमशेदपुर के इस पीजी प्रोजेक्ट की कुल लागत 223.5 करोड़ रुपये है जिसमें केंद्रीय खजाने से 134.10 करोड़ रुपये की सहायता मिलेगी। इस पूरी योजना को लागू करने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पहले ही झारखंड के स्वास्थ्य प्रधान सचिव को समझौता ज्ञापन (MoU) का प्रारूप भेज दिया है और जैसे ही राज्य सरकार इस पर हस्ताक्षर कर इसे वापस सौंपेगी, दोनों शहरों में निर्माण और विस्तार का काम तुरंत शुरू कर दिया जाएगा।