रांची: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विभिन्न जन कल्याणकारी परियोजनाओं के लोकार्पण, शिलान्यास एवं शुभारंभ तथा पीएम किसान की 24वीं किस्त के हस्तांतरण के अवसर पर बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में शुक्रवार को ‘पीएम किसान उत्सव दिवस’ का आयोजन किया गया।
भारत सरकार के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्रालय के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में किसानों और विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री का बनासकांठा, गुजरात से प्रसारित लाइव कार्यक्रम दिखाया गया तथा बीएयू के वैज्ञानिकों ने उन्हें रबी फसलों की गुणवत्तापूर्ण उपज प्राप्त करने के तकनीकी उपाय बताए।
किसानों को संबोधित करते हुए बीएयू के कुलपति डॉ एससी दुबे ने कहा कि खेती अब केवल आजीविका का साधन नहीं है, बल्कि व्यवसाय है। इसलिए किसानों को अपनी कृषि लागत घटाने तथा उत्पादन को अधिक गुणवत्तायुक्त बनाने का प्रयास करना चाहिए। किसान भाई एवं बहनें विश्वविद्यालय से तकनीकी ज्ञान तो ले ही जायें, साथ ही खेती-बारी संबंधी अपने परंपरागत ज्ञान और तकनीकी समस्याओं से भी अवगत कराते जाएं। कृषक समुदाय मुख्यमंत्री मंइयां सम्मान योजना के लिए झारखंड सरकार और किसान सम्मान निधि के लिए भारत सरकार का कृतज्ञ है क्योंकि यह राशि उन्हें अपने कृषि कार्य को उन्नत बनाने में काफी मददगार है।
कृषि संकाय के डीन डॉ डीके शाही ने कहा कि मौसम परिवर्तन को देखते हुए अब कृषि कार्य में द्रोण, मोबाइल, एप और मौसम आधारित कृषि परामर्श का उपयोग हो रहा है। बीएयू के कृषि प्रसार विभाग ने कई उपयोगी एप विकसित किया है। संगठित खेती और ज्यादा लाभ के लिए किसानों को एफपीओ और सरकारी संस्थानों से जुड़ना चाहिए।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों और वैज्ञानिकों के अलावा कांके प्रखंड के पारचुट्टू, ओयेना और गारू गांवों के 100 से अधिक किसानों तथा कृषि महाविद्यालय के यूजी विद्यार्थियों ने भाग लिया।
पौधा रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ हेमचंद्र लाल ने रबी फसलों में रोगों का प्रकोप एवं प्रबंधन, सस्य विभाग के वरीय वैज्ञानिक डॉ सीएस सिंह ने रबी फसलों की पैकेज प्रणाली एवं प्रबंधन तथा कीट विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ बिनय कुमार ने फसलों का कीड़ों से बचाव एवं उनका नियंत्रण विषय पर किसानों को तकनीकी जानकारी दी। अपर निदेशक, प्रसार शिक्षा डॉ निरंजन लाल ने धन्यवाद ज्ञापन किया तथा कृषि प्रसार विभाग के अध्यक्ष डॉ बीके झा ने कार्यक्रम का संचालन किया।
