मॉडल पंचायत बनाने की मांग: सामाजिक कार्यकर्ता राजेश कुमार ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर सौंपी 21 सूत्री मांगों की सूची
गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत केन्दुआ को एक आदर्श और मॉडल पंचायत के रूप में विकसित करने की कवायद तेज हो गई है। इसे लेकर क्षेत्र के प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता राजेश कुमार ने झारखंड सरकार के माननीय मुख्यमंत्री सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को एक मांग पत्र सौंपा है, जिसमें पंचायत की कायाकल्प के लिए 21 सूत्रीय मांगें प्रमुखता से उठाई गई हैं। मुख्यमंत्री के अलावा यह पत्र गिरिडीह के माननीय सांसद, बगोदर के विधायक, गिरिडीह के उपायुक्त (डीसी), बगोदर के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) और बिरनी के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को भी प्रेषित किया गया है।
सामाजिक कार्यकर्ता राजेश कुमार ने पत्र के माध्यम से प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए स्पष्ट रूप से कहा है कि केन्दुआ पंचायत वर्तमान में बुनियादी सुविधाओं के घोर अभाव से जूझ रही है। ग्रामीणों को बुनियादी अधिकार दिलाने और पंचायत को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से उन्होंने यह कदम उठाया है। सौंपे गए मांग पत्र में सड़क व नाली निर्माण, हर घर तक शुद्ध पेयजल की पहुंच, स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था और समुचित सफाई व कचरा प्रबंधन जैसी मूलभूत आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी गई है। इसके साथ ही क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति में सुधार करने, एम्बुलेंस सेवा बहाल करने और युवाओं के लिए एक आधुनिक लाइब्रेरी की स्थापना की मांग की गई है।
पंचायत में आर्थिक समृद्धि और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मांग पत्र में व्यापक पौधरोपण अभियान चलाने, सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण करने, स्थानीय तालाबों के संरक्षण तथा पंचायत में मिनी बैंक और कोल्ड स्टोर की स्थापना का भी उल्लेख है। डिजिटल साक्षरता के इस दौर में ग्रामीणों को जोड़ने के लिए वाई-फाई कंप्यूटर सेंटर खोलने की बात भी कही गई है। रोजगार के मोर्चे पर राजेश कुमार ने मनरेगा के प्रभावी क्रियान्वयन, रोजगार सृजन पीठ के गठन, पात्र लोगों को आवास मुहैया कराने, सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाने तथा 21 सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग उठाई है।
प्रशासनिक स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने के लिए पत्र में ‘ग्राम सभा से विकास’ की अवधारणा को मजबूत करने, विकास कार्यों की देखरेख के लिए एक विशेष निगरानी टीम का गठन करने और जीरो भ्रष्टाचार नीति को कड़ाई से लागू करने पर विशेष जोर दिया गया है। सामाजिक कार्यकर्ता ने सभी सक्षम प्राधिकारियों से जनहित में इन आवश्यक मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए शीघ्र अति शीघ्र उचित और दंडात्मक कार्रवाई करने का विनम्र अनुरोध किया है ताकि केन्दुआ पंचायत को एक आदर्श मॉडल ग्राम बनाया जा सके।