Ranchi: महिंद्रा शोरूम के मैनेजर बबलू कुमार महतो की अग्रिम जमानत याचिका अदालत ने की खारिजरांची: झारखंड की राजधानी रांची की एक विशेष अदालत ने बलात्कार, जबरन गर्भपात और अनुसूचित जाति-जनजाति (SC/ST) अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत आरोपी बबलू कुमार महतो की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। 17 सितंबर 2026 को न्यायायुक्त रांची श्री एस. एन. तिवारी (AJC II, SC/ST Court) की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया।यह मामला 2 जून 2026 को रांची के SC/ST थाने में दर्ज प्राथमिकी (कांड संख्या – 31/2026) से जुड़ा है, जिसमें बबलू कुमार महतो को मुख्य अभियुक्त बनाया गया है।
अदालत में दोनों पक्षों की दलीलेंसुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता श्री किशोर कुमार सिन्हा ने अभियुक्त बबलू कुमार महतो का पक्ष रखते हुए उनके पक्ष में दलीलें पेश कीं और अग्रिम जमानत दिए जाने की मांग की। दूसरी तरफ, पीड़िता (परिवर्तित नाम: सुमति खलखो) के अधिवक्ता विवेक कुमार आर्य और सरकारी अभियोजक (विशेष लोक अभियोजक) श्री सिद्धार्थ कुमार ने इस जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया।
अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि आरोपों की गंभीरता को देखते हुए अभियुक्त को अग्रिम राहत नहीं दी जानी चाहिए, जिसके बाद अदालत ने याचिका को नामंजूर कर दिया।क्या है पूरा मामला? पीड़िता के वकील विवेक कुमार आर्य द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, मुख्य अभियुक्त बबलू कुमार महतो पंडरा स्थित ऑटोमोबाइल कंपनी महिंद्रा शोरूम में कर्मचारी व मैनेजर के पद पर कार्यरत था।
आरोप: प्राथमिकी के मुताबिक, अभियुक्त पर पीड़िता को बहला-फुसलाकर और पेय पदार्थ में नशीली दवा देकर बलात्कार करने का आरोप है। आरोप है कि इसके बाद इटकी रोड पंडरा स्थित महिंद्रा के बंद शोरूम में शादी का झांसा देकर पीड़िता के साथ लंबे समय तक शारीरिक शोषण किया गया।
शादी का झांसा: शिकायत में कहा गया है कि अभियुक्त ने रांची रजिस्ट्री ऑफिस में 20 मई 2026 को शादी के रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन भी दिया था, लेकिन बाद में उसने शादी करने से साफ इनकार कर दिया। इसके अलावा, पीड़िता ने वकील के समक्ष दिए बयान में आरोप लगाया है कि अभियुक्त उसे बेचने की नीयत से ओडिशा और अंडमान निकोबार भी ले गया था।
सह-आरोपियों की भूमिका: इस मामले में मुख्य अभियुक्त के अलावा उसकी भांजी (परिवर्तित नाम: स्नेहा महतो) और उसके पति को भी घटना में कथित संलिप्तता और मुख्य भूमिका के लिए प्राथमिकी में नामजद आरोपी बनाया गया है।