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दवा की कमी और प्रशासनिक लापरवाही से हीमोफीलिया पीड़ित बच्चे की मौत; झारखंड स्वास्थ्य मंत्री से जांच की मांग

राँची: झारखंड के गोड्डा जिले में जीवन रक्षक दवाओं की कमी और स्वास्थ्य प्रशासन की कथित घोर लापरवाही के कारण एक हीमोफीलिया पीड़ित बच्चे, मो. हसनैन की दर्दनाक मौत हो गई है। इस घटना से हीमोफीलिया मरीजों और उनके परिजनों में भारी आक्रोश है।

‘हीमोफीलिया सोसायटी, राँची चैप्टर’ के सचिव संतोष कुमार जायसवाल ने राज्य के माननीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को पत्र लिखकर इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

दवाओं की कमी के कारण हुआ ब्रेन हैमरेज

शिकायती पत्र के अनुसार, गोड्डा जिला अस्पताल में पिछले कई महीनों से हीमोफीलिया की बेहद जरूरी दवाएं और इंजेक्शन (Factor VIII mimic Emicizumab, Factor VIII और Factor IX) उपलब्ध नहीं हैं। समय पर दवा न मिलने के कारण पीड़ित बच्चे मो. हसनैन के मस्तिष्क में आंतरिक रक्तस्राव (Subdural Hemorrhage – SDH) हो गया। उसे गंभीर हालत में रिम्स (RIMS), राँची के न्यूरो सर्जरी विभाग में भर्ती कराया गया था, जहाँ सोमवार दोपहर अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों की कथित लापरवाही के कारण उसकी मौत हो गई।

भ्रष्टाचार और नियमों के उल्लंघन का आरोप

सोसायटी ने गोड्डा के सिविल सर्जन और जिला प्रोग्राम मैनेजर (DPM) पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं。 आरोप है कि डीपीएम एक खास दवा निर्माता कंपनी के सप्लायर को फायदा पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन को गुमराह कर रहे हैं। नियमों के खिलाफ जाकर ऐसी दवाएं खरीदी गईं जिनकी एक्सपायरी अवधि 3 महीने से भी कम बची थी। पत्र में मांग की गई है कि हीमोफीलिया दवाओं के लिए आवंटित बजट और उनकी खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड की गहन जांच की जाए।

दिव्यांग कानून (RPWD Act 2016) के उल्लंघन की शिकायत

सचिव संतोष जायसवाल ने बताया कि गोड्डा के डे-केयर सेंटर में हीमोफीलिया से पीड़ित दिव्यांग मरीजों को दवा मांगने पर कर्मचारियों द्वारा धमकियां दी जाती हैं। इसके अलावा, सिविल सर्जन कार्यालय प्रथम तल पर होने और दिव्यांगों के अनुकूल शौचालय व सुगम व्यवस्था न होने के कारण मरीजों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है, जो कि आरपीडब्ल्यूडी एक्ट 2016 (RPWD Act 2016) का खुला उल्लंघन है।

आंदोलन की चेतावनी

पीड़ित परिवारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में गोड्डा के उपायुक्त (DC) और जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DALSA) के अध्यक्ष से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है। सोसायटी ने चेतावनी दी है कि यदि गोड्डा समेत राज्य के सभी जिला अस्पतालों में हीमोफीलिया की दवाएं तुरंत उपलब्ध नहीं कराई गईं, तो मरीज और उनके परिजन सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

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