छात्रों के बुनियादी अधिकारों एवं पारदर्शी छात्र प्रतिनिधित्व की मांग को लेकर केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड के छात्रों का विरोध प्रदर्शन
रांची, झारखंड: केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड (CUJ), रांची के छात्र अपने बुनियादी छात्र अधिकारों, पारदर्शी प्रशासन तथा छात्र हितों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय में निर्वाचित छात्र संघ (Students’ Union) का गठन होना आवश्यक है, ताकि छात्रों की समस्याओं और विश्वविद्यालय की विभिन्न समितियों एवं निर्णय प्रक्रियाओं में छात्रों की लोकतांत्रिक भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
छात्रों के अनुसार, विश्वविद्यालय की विभिन्न समितियों में लिए जाने वाले निर्णयों तथा छात्र हितों से संबंधित नीतियों की जानकारी छात्रों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचनी चाहिए। इसके लिए छात्रों की मांग है कि लोकतांत्रिक एवं निर्वाचित छात्र संघ का गठन किया जाए, जो छात्रों की समस्याओं को उचित मंच पर उठाने और विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ संवाद करने का माध्यम बने।
मुख्य मुद्दा: लगातार बढ़ती मेस फीस
छात्रों ने हॉस्टल मेस फीस में लगातार हो रही वृद्धि पर भी गंभीर चिंता जताई है। छात्रों के अनुसार, ग्रीष्मावकाश 2025 से पहले मेस फीस लगभग ₹2,621 प्रति माह थी, जिसमें शाम के स्नैक्स भी शामिल थे। इसके बाद UG हॉस्टल के लिए यह लगभग ₹3,071 तथा PG/PhD हॉस्टल के लिए लगभग ₹3,377 तक पहुंच गई।
छात्रों का आरोप है कि मेस संचालन शुरू होने के लगभग दो महीने बाद अब मेस शुल्क ₹3,800 से अधिक + GST प्रति माह होने जा रहा है और इसमें शाम के स्नैक्स भी शामिल नहीं हैं। छात्रों का कहना है कि इतनी बड़ी वृद्धि के बावजूद फीस निर्धारण की प्रक्रिया और खर्चों का पूरा विवरण छात्रों के सामने पारदर्शी रूप से रखा जाना चाहिए।
छात्रों की दो प्रमुख मांगें
1. निर्वाचित छात्र संघ का गठन:
छात्रों की मांग है कि विश्वविद्यालय में लोकतांत्रिक तरीके से Student Union Election कराया जाए। छात्र संघ के माध्यम से छात्रों को विभिन्न समितियों, नीतिगत निर्णयों और छात्र कल्याण से जुड़े मामलों में अपनी बात रखने का उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
2. छात्रों द्वारा मेस संचालन की अनुमति:
छात्रों की दूसरी प्रमुख मांग है कि विश्वविद्यालय छात्रों को अपना मेस स्वयं संचालित करने का विकल्प दे। छात्रों का कहना है कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) सहित कई विश्वविद्यालयों में छात्रों की भागीदारी से मेस संचालन की व्यवस्था के उदाहरण मौजूद हैं। इसी प्रकार CUJ में भी यदि छात्र स्वयं मेस का संचालन करें, तो लागत, गुणवत्ता और भोजन की पारदर्शिता पर छात्रों की सीधी निगरानी संभव हो सकती है।
छात्रों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था का विरोध करना नहीं, बल्कि छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकार, पारदर्शिता, जवाबदेही और किफायती शिक्षा एवं आवास व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
छात्र प्रशासन से मांग करते हैं कि उनकी समस्याओं पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद स्थापित किया जाए और निर्वाचित छात्र संघ के गठन तथा मेस व्यवस्था में छात्रों की भागीदारी के संबंध में ठोस कदम उठाए जाएं।
छात्रों का स्पष्ट संदेश है — विश्वविद्यालय छात्रों के लिए है, इसलिए विश्वविद्यालय से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों में छात्रों की आवाज और भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए।