Ranchi: यह कहानी है लक्ष्मी मोसोमत की, जो वर्षों से स्थानीय बाजार में कड़ी मेहनत कर अपनी दुकान चला रही हैं। उन्होंने खुद उस पथरीली और गड्ढों वाली जमीन को मिट्टी से भरकर समतल किया था, ताकि वे स्वाभिमान के साथ दो वक्त की रोटी कमा सकें। बिना पति और बिना बेटे के, इस दुनिया में वे बिल्कुल अकेली हैं। अपनी बेटी की शादी और जीवन बसर करने का उनके पास यही एकमात्र जरिया है।
लेकिन आज उनकी इस उम्मीद पर समाज के ही कुछ असामाजिक तत्वों की नजर लग गई है। उन्हीं के गांव के रहने वाले ने अपनी खुद की दुकान छोड़कर, लक्ष्मी की दुकान को हड़पने की नीयत से बलपूर्वक वहां कब्जा करने का प्रयास किया। गवाहों के अनुसार, कुछ लड़कों को साथ लेकर दुकान पर धमकाते हुए पहुंचा। उसने सरेआम मां-बहन की अभद्र गालियां दीं और दुकान उजाड़ देने की सीधी धमकी दी।
एक बेसहारा नारी को इस तरह डराना और उसकी आजीविका छीनने का प्रयास करना न सिर्फ कानूनी रूप से अपराध है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं की भी हत्या है। पीड़ित महिला ने प्रशासन और न्यायप्रिय नागरिकों से तुरंत कानूनी कार्रवाई करने और अपनी दुकान को लूटने से बचाने की गुहार लगाई है। साक्ष्य के रूप में घटना के समय के फोटो और वीडियो भी पुलिस व उच्च अधिकारियों को सौंपे जा रहे हैं।
–