हरमू हाउसिंग कॉलोनी में बिजली संकट: जेबीवीएनएल अधिकारियों की लापरवाही से जनता बेहाल, आरटीआई कार्यकर्ता की पहल पर भी परिणाम शून्य
रांची: राजधानी के वीआईपी इलाकों में शुमार हरमू हाउसिंग कॉलोनी इन दिनों भीषण बिजली संकट से जूझ रही है। कॉलोनी के इंडियन बैंक और उसके आसपास के क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से लगातार 4 से 5 घंटे तक पावर कट हो रहा है। अघोषित बिजली कटौती के कारण स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल हो गया है। उमस भरी गर्मी में घंटों बिजली गुल रहने से न सिर्फ आम जनजीवन प्रभावित हुआ है, बल्कि स्थानीय कारोबारियों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
अधिकारियों के बीच तालमेल की कमी उजागर
बिजली की इस गंभीर समस्या को लेकर क्षेत्र के प्रसिद्ध आरटीआई (RTI) कार्यकर्ता सर्वेश कुमार सिंह ने झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JVBNL) के महाप्रबंधक (GM) से सीधे बात की। सर्वेश सिंह ने जीएम को क्षेत्र की जनता की परेशानियों से अवगत कराया और तत्काल सुधार की मांग की। हालांकि, इस बातचीत के दौरान विभाग के भीतर चल रही खींचतान और जवाबदेही से बचने का खेल साफ देखने को मिला। जेबीवीएनएल के महाप्रबंधक ने अपनी जिम्मेदारी लेने के बजाय बिजली संकट के लिए सीधे तौर पर एसडीईओ (SDEO) को दोषी ठहरा दिया। जीएम ने दावा किया कि निचले स्तर के अधिकारियों की लापरवाही के कारण क्षेत्र में बिजली की स्थिति बदतर हुई है।
आश्वासन के बाद भी नतीजा सिफर
विभागीय प्रमुख (GM) से बातचीत और उनके द्वारा शिकायत दर्ज किए जाने के बावजूद जमीन पर स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। अधिकारियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के इस दौर का अंतिम परिणाम पूरी तरह ‘शून्य’ रहा है। हरमू कॉलोनी के इंडियन बैंक के पास रहने वाले स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकारी सिर्फ एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे हैं, लेकिन जनता को इस भीषण गर्मी में बिना बिजली के तड़पने के लिए छोड़ दिया गया है।
स्थानीय निवासियों में बढ़ता आक्रोश
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि जेबीवीएनएल के आला अधिकारियों का अपने मातहतों पर कोई नियंत्रण नहीं है, तो आम जनता अपनी शिकायत लेकर कहां जाए? लगातार 4-5 घंटे तक पावर कट होने से बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है और घरों में पानी की किल्लत भी शुरू हो गई है। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जेबीवीएनएल ने जल्द ही इस अघोषित बिजली कटौती पर रोक नहीं लगाई और हरमू हाउसिंग कॉलोनी में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की, तो वे विभाग के खिलाफ उग्र आंदोलन और घेराव करने को मजबूर होंगे।