JSSPS रांची की 15 करोड़ की आउटसोर्सिंग निविदा विवादों में: नियमों के उल्लंघन का आरोप, टेंडर रद्द करने की मांग
रांची: झारखंड स्टेट स्पोर्ट्स प्रमोशन सोसाइटी (JSSPS), रांची द्वारा मानव बल (मैनपॉवर) की सेवा के लिए निकाली गई लगभग 15 करोड़ रुपये की आउटसोर्सिंग निविदा (GEM/2026/B/7685916, दिनांक 22.06.2026) विवादों में घिर गई है। इस निविदा में सामान्य तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन के नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए इसे रद्द करने की मांग तेज हो गई है।
एकल पैकेट प्रणाली पर गंभीर आपत्ति
सामाजिक सरोकारों में सक्रिय संस्था ‘नवोत्कर्ष फाउंडेशन’ (ब्रह्मवैला, पद्मा, हजारीबाग) के कोषाध्यक्ष शशिकांत मिश्रा सहित कई स्थानीय आउटसोर्सिंग एजेंसियों ने JSSPS के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को पत्र लिखकर इस प्रक्रिया पर कड़ी आपत्ति जताई है।
* प्रतिस्पर्धा प्रभावित होने का डर: इतनी बड़ी राशि (15 करोड़ रुपये) की निविदा को ‘एकल पैकेट सिस्टम’ (Single Packet System) से आमंत्रित किया गया है।
* पारदर्शिता का अभाव: शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यह प्रणाली निष्पक्ष मूल्यांकन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को पूरी तरह प्रभावित करेगी। निविदा में पारदर्शिता सुनिश्चित करना अनिवार्य है।
GeM पोर्टल पर बड़ी तकनीकी त्रुटि
शिकायतकर्ताओं ने जेम (GeM) पोर्टल पर अपलोड किए गए निविदा दस्तावेज में एक गंभीर विसंगति को उजागर किया है:
* गलत विभाग का नाम: निविदा दस्तावेज के पहले पृष्ठ पर ‘झारखंड स्टेट स्पोर्ट्स प्रमोशन सोसाइटी’ की जगह भारत सरकार के ‘कोयला मंत्रालय, कोल इंडिया लिमिटेड’ का नाम दिख रहा है।
* सर्च विकल्प गायब: पोर्टल पर सर्च का कोई ऐसा विकल्प नहीं है जिससे स्थानीय एजेंसियां यह पता कर सकें कि यह टेंडर JSSPS द्वारा ही निकाला गया है। इस तकनीकी खामी के कारण राज्य के कई स्थानीय इच्छुक निविदादाता इस प्रक्रिया में भाग लेने से वंचित रह सकते हैं।
आरटीआई कार्यकर्ता ने भी खोला मोर्चा
इस मामले में राज्य के चर्चित आरटीआई (RTI) कार्यकर्ता और सामाजिक मामलों के जानकार श्री सर्वेश कुमार सिंह ने भी दखल दिया है। उन्होंने JSSPS के सीईओ को पत्र भेजकर इस निविदा प्रक्रिया पर गंभीर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि त्रुटियों और नियमों के उल्लंघन से भरी इस निविदा को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाना चाहिए और पारदर्शिता बहाल करने के लिए नए सिरे से निविदा आमंत्रित की जानी चाहिए।
