रांची: झारखंड स्टेट स्पोर्ट्स प्रमोशन सोसाइटी (JSSPS) द्वारा हाल ही में जारी किए गए एक बड़े टेंडर में गंभीर तकनीकी खामियां और नियमों के उल्लंघन का बड़ा मामला सामने आया है। सूचना का अधिकार (RTI) कार्यकर्ता और समाज सेवी सर्वेश कुमार सिंह ने JSSPS के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को एक अति आवश्यक पत्र लिखकर बिड संख्या GEM/2026/B/7685916 को तत्काल प्रभाव से रद्द (डिस्चार्ज) करने की मांग की है। सर्वेश कुमार सिंह का आरोप है कि गत 22 जून 2026 को जारी किए गए इस टेंडर की गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल पर गलत मैपिंग की गई है, जिसके कारण आम वेंडर्स और प्रतिभागी इस सरकारी खरीद प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पा रहे हैं और पारदर्शिता पूरी तरह खत्म हो गई है।
शिकायतकर्ता ने पोर्टल पर की गई तीन बड़ी गड़बड़ियों का खुलासा करते हुए बताया कि GeM बिड शीट में खरीदार (Buyer) के रूप में JSSPS का नाम मुख्य ओनरशिप फील्ड से पूरी तरह गायब है। उसकी जगह गलत तरीके से कोयला मंत्रालय (Ministry of Coal) और सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) को प्राइमरी ओनर के रूप में दर्ज कर दिया गया है। इस गलत क्रेडेंशियल के कारण जब कोई भी इच्छुक वेंडर GeM पोर्टल की डायरेक्टरी में “JSSPS” लिखकर सर्च करता है, तो उसे इस काम से जुड़ा कोई परिणाम दिखाई नहीं देता। निविदा की विजिबिलिटी पूरी तरह छिप जाने के कारण अधिकांश वेंडर्स को आवेदन करने का लिंक ही नहीं मिल पा रहा है।
इसके अलावा, पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि इतने उच्च मूल्य (high-value) के कार्य की निविदा होने के बावजूद इसे नियमों के विपरीत ‘सिंगल पैकेट प्रोसेस’ के तहत प्रोसेस किया जा रहा है। जबकि नियमानुसार ओपन-मार्केट पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इसमें तकनीकी (Technical) और वित्तीय (Financial) मूल्यांकन के अलग-अलग लिफाफे होने चाहिए। इस सिंगल-स्टेज फिल्टरिंग को पारदर्शी बाजार मानकों का खुला उल्लंघन बताया गया है। इन गंभीर तकनीकी और प्रशासनिक कमियों को देखते हुए, आरटीआई कार्यकर्ता ने जेएसएसपीएस प्रबंधन से इस बिडिंग साइकिल को तुरंत ड्रॉप करने तथा JSSPS के वास्तविक रजिस्टर्ड प्रोफाइल के तहत स्टैंडर्ड ‘टू-पैकेट सिस्टम’ का पालन करते हुए नए सिरे से टेंडर जारी करने की मांग की है।