रांची: झारखंड विधिक सेवा प्राधिकरण (JHALSA) और डालसा (DLSA) रांची ने मानवता की एक अनोखी मिसाल पेश की है। माता-पिता को खो चुके एक सात वर्षीय बेसहारा मासूम को न सिर्फ नया जीवन मिला, बल्कि उसके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए 5 लाख रुपये का मुआवजा भी दिलाया गया है।
मासूम का दर्दनाक अतीत
यह भावुक कर देने वाला मामला रांची के मोरहाबादी इलाके का है। सात साल के इस मासूम बच्चे की मां की मौत पहले ही बीमारी के कारण हो चुकी थी। इसके बाद 2 अक्टूबर 2019 को मोरहाबादी बाजार मछली मार्केट के पास उसके पिता की भी बेरहमी से हत्या कर दी गई। पिता की मौत के बाद बच्चा पूरी तरह अनाथ हो गया। वह पेट भरने के लिए सड़कों पर भटकने और मांगकर खाने को मजबूर था। कभी-कभार वह अपनी बुआ के घर जाता, तो वहां उससे बकरियां चरवाई जाती थीं।
डालसा की टीम ने ऐसे बदला भविष्य
जब इस बेसहारा बच्चे की सूचना डालसा रांची को मिली, तो झालसा के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद, सदस्य सचिव कुमारी रंजना अस्थाना और न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। डालसा सचिव राकेश रौशन की अगुवाई में लालपुर पुलिस की मदद से बच्चे को गुमला से सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
शिक्षा और आर्थिक सुरक्षा की जिम्मेदारी
बच्चे के पुनर्वास के लिए डालसा ने जिला शिक्षा पदाधिकारी और डीसीपीयू (DCPU) के सहयोग से उसका दाखिला ‘नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय’, रांची में कराया। अब वह वहीं रहकर तीसरी कक्षा में पढ़ाई कर रहा है। इसके साथ ही, पीड़ित मुआवजा योजना के तहत बच्चे के नाम पर बैंक खाता खुलवाकर ₹5,00,000 की राशि जमा कराई गई। इसमें से ₹1,00,000 उसके वर्तमान खर्चों के लिए छोड़े गए हैं, जबकि ₹4,00,000 को 18 वर्ष की आयु तक के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कर सुरक्षित कर दिया गया है। पढ़ाई में मन लगा रहा यह बच्चा बड़ा होकर अब पुलिस ऑफिसर बनना चाहता है।
मदद के लिए डालसा की अपील
डालसा सचिव ने आम जनता से अपील की है कि अगर समाज में ऐसा कोई भी अनाथ या परेशान बच्चा दिखे, तो तुरंत डालसा कार्यालय में आवेदन दें। मुफ्त कानूनी सलाह या किसी भी सहायता के लिए विभाग के टॉल फ्री नंबर 15100 पर भी संपर्क किया जा सकता है।