रांची: पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, रांची की महापौर श्रीमती रोशनी खलखो ने आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राजधानी के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर वृहद पौधारोपण अभियान की शुरुआत की।
इस अवसर पर आम जनता को पर्यावरण संरक्षण का सीधा संदेश देते हुए महापौर ने एक ऐतिहासिक घोषणा की। उन्होंने बताया कि रांची नगर निगम जल्द ही बड़े पैमाने पर ‘सखुआ महोत्सव’ का आयोजन करने जा रहा है। अपने तरह का यह पहला और अनूठा महोत्सव होगा, जो झारखंड की पहचान से जुड़े सखुआ (शाल) वृक्ष को समर्पित होगा।
संस्कृति और पर्यावरण का अनूठा संगम
झारखंड की जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और ‘सरहुल’ जैसे महापर्वों में सखुआ वृक्ष का अत्यंत पूजनीय और केंद्रीय स्थान है। इस महा-उत्सव का मुख्य उद्देश्य सखुआ के इसी पारंपरिक महत्व को जन-जन तक पहुंचाना और आधुनिक पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना है।
आगामी सखुआ महोत्सव के मुख्य आकर्षण निम्नलिखित होंगे:
* जन जागरूकता: सखुआ के औषधीय गुणों, इसकी मजबूत लकड़ी और पर्यावरण को शुद्ध रखने में इसकी वैज्ञानिक भूमिका से लोगों को अवगत कराया जाएगा।
* सांस्कृतिक प्रदर्शन: झारखंड की पारंपरिक लोक कलाओं और गीतों के माध्यम से सखुआ और प्रकृति के अंतर्संबंधों को प्रदर्शित किया जाएगा।
* मुफ्त पौधा वितरण: पूरे रांची शहर में प्रत्येक घर और संस्थान तक सखुआ के पौधों को पहुंचाने के लिए विशेष वितरण अभियान चलाया जाएगा।
* शहरी वनीकरण: रांची नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत चिन्हित खाली जमीनों और पार्कों में बड़े पैमाने पर सखुआ का रोपण कर शहर का ग्रीन कवर बढ़ाया जाएगा।
महापौर कार्यालय के अनुसार, इस महोत्सव को एक सरकारी आयोजन के बजाय एक जन-आंदोलन का रूप दिया जाएगा, ताकि शहर का हर नागरिक इस पर्यावरण क्रांति का हिस्सा बन सके।