रांची: पूर्व कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष स्वर्गीय पी.एन. सिंह की जयंती पर कांग्रेसियों ने अर्पित की भावभीनी श्रद्धांजलि
रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में आज कांग्रेस कार्यालय में एकीकृत बिहार के कद्दावर नेता और स्वतंत्रता सेनानी के पुत्र स्वर्गीय पी.एन. सिंह (पारसनाथ सिंह) की 84वीं जयंती मनाई गई । इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि पी.एन. सिंह का पूरा जीवन संगठन और जनसेवा के लिए समर्पित रहा।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और सफर
* स्वतंत्रता सेनानी परिवार: पी.एन. सिंह का जन्म एक स्वतंत्रता सेनानी परिवार में हुआ था। उनके माता-पिता (शिवरातो कुंवर और रामआश्रय सिंह) देश के स्वाधीनता आंदोलन में सक्रिय थे, जिन्हें सरकार द्वारा ‘ताम्र पत्र’ देकर सम्मानित भी किया गया था।
* आजीवन कांग्रेसी: उन्होंने युवा कांग्रेस के सदस्य के रूप में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। वे 1969 से 1972 तक रांची जिला यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष और बाद में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के डेलिगेट रहे।
* संगठन में महत्वपूर्ण पद: वह 1980 के दशक से अपने अंतिम समय तक अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के सदस्य रहे। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 1985 से 1987 तक संयुक्त बिहार कांग्रेस के महासचिव के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली।
* झारखंड में नेतृत्व: बिहार से झारखंड के अलग होने के बाद, वे साल 1999 से 2004 तक झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष रहे और राज्य में पार्टी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।
सामाजिक एवं श्रमिक आंदोलन में योगदान
पी.एन. सिंह केवल एक राजनेता ही नहीं, बल्कि एक प्रखर श्रमिक नेता (Trade Union Leader) भी थे। उन्होंने रांची और आसपास के क्षेत्रों में कई मजदूर आंदोलनों का नेतृत्व किया। इसके अलावा, शिक्षा के क्षेत्र में उनका बड़ा योगदान रहा; उन्होंने रांची में एस.एस. मेमोरियल कॉलेज और कार्तिक उरांव कॉलेज की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
इस अवसर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनका सरल स्वभाव, रोबीला व्यक्तित्व और ओजस्वी भाषण आज भी कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भर देते हैं। बैठक में झारखंड कांग्रेस के कई पदाधिकारियों समेत दर्जनों कार्यकर्ताओं ने अपने हस्ताक्षर कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की.