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झारखंड: क्लस्टर सिस्टम, पेपर लीक और सीबीएसई OSM के खिलाफ 29 मई को राज्यव्यापी चक्का जाम का आह्वान

रांची: झारखंड के उच्च शिक्षा ढांचे में बदलाव, प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और सीबीएसई की मूल्यांकन प्रणाली में गड़बड़ी के विरोध में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) ने आगामी 29 मई, 2026 को पूरे राज्य में चक्का जाम करने का फैसला किया है। छात्र नेताओं ने रांची में एक प्रेस वार्ता के दौरान सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग का हालिया संकल्प राज्य की उच्च शिक्षा को तेजी से निजीकरण और कॉरपोरेट मॉडल की ओर धकेल रहा है। इसके तहत विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में पुनर्गठन के नाम पर शैक्षणिक व गैर-शैक्षणिक पदों में भारी कटौती की जा रही है और छात्रों की सीटें घटाई जा रही हैं। छात्र संगठनों का दावा है कि कॉलेजों को क्लस्टर सिस्टम में बांटने की इस पहल का सबसे बुरा असर वंचित समुदायों और महिला छात्रों पर पड़ेगा, जिससे उनका ड्रॉपआउट रेट बढ़ेगा और उच्च शिक्षा तक उनकी पहुंच बेहद सीमित हो जाएगी।

आंदोलनकारियों ने रेगुलर कोर्सों की जगह वोकेशनल और सेल्फ-फाइनेंस मोड को बढ़ावा देने की नीति पर भी कड़ा विरोध जताया है, जिसे वे शिक्षण संस्थाओं को ऋण आधारित प्रणाली में बदलने की एक साजिश मानते हैं। छात्र नेताओं ने उदाहरण देते हुए बताया कि स्कूली शिक्षा विभाग द्वारा संचालित बीएड और एमएड कॉलेजों का रांची विश्वविद्यालय में विलय होने से छात्रों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ेगा, क्योंकि जो पढ़ाई पहले महज 15 से 25 हजार रुपये में संभव थी, अब उसी कोर्स की फीस बढ़कर 1.5 से 2 लाख रुपये तक महंगी हो जाएगी। उन्होंने इस नीति को सामाजिक न्याय, समान अवसर और शिक्षा के अधिकार के मूल सिद्धांतों के बिल्कुल खिलाफ बताया है जो आम और गरीब परिवार के बच्चों को उच्च शिक्षा से पूरी तरह महरूम कर देगी।

इसके साथ ही, छात्र संगठनों ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की साख और मूल्यांकन प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि नीट (NEET), नेट (NET) और एसएससी (SSC) जैसी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक ने लाखों छात्रों और अभिभावकों को मानसिक व आर्थिक रूप से तोड़ दिया है, जिससे युवाओं के भविष्य में अनिश्चितता का भय घर कर गया है। वहीं दूसरी ओर, सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली में आई तकनीकी गड़बड़ियों, गलत उत्तर पुस्तिकाएं मिलने के दावों और बड़ी संख्या में छात्रों के फेल होने से मूल्यांकन व्यवस्था पर गहरा संकट खड़ा हो गया है। इन चौतरफा संकटों के खिलाफ 29 मई को होने वाले इस राज्यव्यापी चक्का जाम के आह्वान के दौरान आइसा झारखंड राज्य सचिव त्रिलोकीनाथ, रांची जिला अध्यक्ष विजय कुमार, सचिव संजना मेहता, सोनाली केवट और सृष्टि भट्टाचार्य प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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