Ranchi: झारखंड में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों और रिम्स (RIMS) की डेंटल छात्रा के साथ हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने इस मुद्दे पर हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि महिलाओं की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने मांग की है कि ऐसे जघन्य अपराधों के दोषियों को ‘फांसी की सजा’ मिलनी चाहिए ताकि अपराधियों में कानून का खौफ पैदा हो।
आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार तुष्टीकरण की राजनीति में अंधी हो गई है और अपराधियों को वोट बैंक के चश्मे से देख रही है। उन्होंने कहा कि जब तक अपराधी को केवल एक अपराधी के रूप में नहीं देखा जाएगा, तब तक न्याय संभव नहीं है। साहू के अनुसार, राज्य में अब तक दुष्कर्म की 10,000 से अधिक घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं, जो कानून-व्यवस्था के पूरी तरह ध्वस्त होने का प्रमाण हैं। उन्होंने कोतवाली थाना क्षेत्र में तीन साल की मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी का जिक्र करते हुए इसे मानवता को शर्मसार करने वाली घटना बताया।
बीजेपी ने इस मुद्दे पर निर्णायक आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। 19 अप्रैल को जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक एक विशाल मशाल जुलूस निकाला जाएगा। इसके बाद, 20 अप्रैल को रांची के एसएसपी कार्यालय का घेराव करने की योजना है। बीजेपी महिला मोर्चा के नेतृत्व में कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर न्याय की मांग करेंगे। साहू ने चेतावनी दी है कि राज्य की बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित होने तक यह संघर्ष जारी रहेगा और पार्टी स्पीडी ट्रायल के जरिए दोषियों को मौत की सजा दिलाने की मांग पर अडिग है।