दलितों और आदिवासियों के सम्मान, समानता एवं संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई हम सबकी साझा जिम्मेदारी : शिल्पी नेहा तिर्की
रांची/नई दिल्ली: झारखंड सरकार की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने आज नई दिल्ली स्थित Constitution Club of India में आयोजित ‘दलित-आदिवासी सेल्फ रिस्पेक्ट मीटिंग’ में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने अपने संबोधन में दलितों और आदिवासियों के सम्मान, सामाजिक समानता, संवैधानिक अधिकारों तथा समाज में व्याप्त जातिगत भेदभाव जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे जी के साथ कथित शुद्धिकरण की घटना यह सोचने पर मजबूर करती है कि 21वीं सदी में भी दलितों और आदिवासियों को सामाजिक भेदभाव का सामना क्यों करना पड़ रहा है। यह केवल किसी एक व्यक्ति के सम्मान का प्रश्न नहीं है, बल्कि समाज में आज भी मौजूद जातिगत भेदभाव और सामाजिक असमानता की गहरी समस्या को उजागर करता है।
उन्होंने कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता, गरिमा और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार देता है। किसी भी व्यक्ति के साथ जाति, सामाजिक पहचान या समुदाय के आधार पर भेदभाव स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। सामाजिक न्याय की स्थापना तभी संभव है, जब संवैधानिक मूल्यों को केवल पुस्तकों और भाषणों तक सीमित न रखकर उन्हें समाज के व्यवहार और व्यवस्था में भी पूरी तरह लागू किया जाए।
मंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी जी ने देश में सामाजिक न्याय, समानता और सभी वर्गों को उनकी उचित भागीदारी दिलाने के लिए जो आवाज बुलंद की है, उसे मजबूती देने के लिए हम सभी को एकजुट होकर आगे आना होगा। समाज के वंचित, शोषित और उपेक्षित वर्गों को सम्मानजनक स्थान तथा समान अवसर सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
उन्होंने आगे कहा कि सामाजिक न्याय की लड़ाई केवल अधिकारों की लड़ाई नहीं, बल्कि सम्मान, स्वाभिमान और बराबरी के साथ जीने के अधिकार की लड़ाई है। एक समतामूलक समाज के निर्माण के लिए जातिगत भेदभाव और सामाजिक असमानता के विरुद्ध सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि दलितों और आदिवासियों के सम्मान, अधिकार एवं सामाजिक भागीदारी को सुनिश्चित करने का संकल्प हम सभी को मिलकर लेना होगा, ताकि संविधान की समानता और न्याय की भावना समाज के प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में वास्तविक रूप से दिखाई दे।