EPF पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, 15,000 से बढ़कर 25,000 रुपये हुई वेतन सीमा; 51 लाख कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
नई दिल्ली:देश के करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए मोदी सरकार ने एक ऐतिहासिक और बड़ा फैसला लिया है। केंद्र सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के तहत अनिवार्य कवरेज के लिए मासिक वेतन सीमा को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति माह करने की मंजूरी दे दी है। सरकार के इस बड़े कदम से देश के करीब 51 लाख कर्मचारियों को सीधा फायदा होने जा रहा है।
12 साल बाद नियमों में बड़ा बदलाव
आपको बता दें कि पीएफ (PF) कटौती के नियमों में यह बड़ा बदलाव पूरे 12 साल बाद किया गया है। इससे पहले साल 2014 में इस सीमा को 6,500 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये किया गया था। अब नए फैसले के बाद जो कर्मचारी 15,000 रुपये से लेकर 25,000 रुपये की सैलरी रेंज में आते हैं, वे भी अनिवार्य रूप से नए PF नियमों के दायरे में आ जाएंगे।
सरकारी खजाने पर पड़ेगा ₹11,339 करोड़ का बोझ
इस कल्याणकारी योजना को लागू करने के लिए भारत सरकार को हर साल लगभग 11,339 करोड़ रुपये का अनुमानित खर्च उठाना होगा। सरकार का मानना है कि इस फैसले से न केवल श्रमिकों को बुढ़ापे के लिए बेहतर सामाजिक और वित्तीय सुरक्षा ( मिलेगी, बल्कि कंपनियों और कर्मचारियों के बीच भरोसा भी और मजबूत होगा।
कर्मचारियों को क्या होगा फायदा?
* ज्यादा बचत: वेतन सीमा बढ़ने से अब पीएफ खाते में हर महीने ज्यादा फंड जमा हो सकेगा, जिससे रिटायरमेंट के समय एक बड़ा कॉर्पस (फंड) तैयार होगा।
* पेंशन में बढ़ोतरी: ईपीएफओ की इस नई सीमा से कर्मचारियों की पेंशन (EPS) में भी इजाफा होगा।
* सुरक्षा का दायरा: जो लाखों कर्मचारी अब तक इस अनिवार्य दायरे से बाहर थे, उन्हें भी अब भविष्य निधि, पेंशन और जीवन बीमा सुरक्षा का सीधा लाभ मिलने लगेगा।
सरकार के इस फैसले को देश के कार्यबल को मजबूत करने और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।