रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ ने CENJOWS के दूसरे वार्षिक ट्राइडेंट व्याख्यान का उद्घाटन किया
‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य में युवा शक्ति को बताया महत्वपूर्ण भागीदार
नई दिल्ली : रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ ने आज नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में सेंटर फॉर ज्वाइंट वारफेयर स्टडीज (CENJOWS) द्वारा आयोजित दूसरे वार्षिक ट्राइडेंट व्याख्यान का उद्घाटन किया। CENJOWS के स्थापना दिवस समारोह के तहत आयोजित इस व्याख्यान का विषय ‘राष्ट्रीय पुनरुत्थान: रक्षा बलों के परिप्रेक्ष्य से’ था।
इस अवसर पर ‘राष्ट्र निर्माण में अगली पीढ़ी की क्षमता का उपयोग’ विषय पर विशेष संबोधन देते हुए श्री संजय सेठ ने कहा कि भारत की युवा शक्ति देश को ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
रक्षा राज्य मंत्री ने 15 अगस्त 2026 को लाल किले की प्राचीर से माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत ‘सप्त धारा’ के विजन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आने वाले पांच से सात वर्षों में देश के समग्र विकास को गति देने के लिए राष्ट्रीय शक्ति की इन सात धाराओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि युवा भारत विनिर्माण शक्ति, कृषि एवं खाद्य उत्पादन, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार, गतिशक्ति, रक्षा शक्ति, हरित एवं नीली अर्थव्यवस्था तथा सॉफ्ट पावर—इन सभी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
श्री संजय सेठ ने विशेष रूप से रक्षा क्षेत्र में युवाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने और अगली पीढ़ी की रक्षा प्रौद्योगिकियों के विकास में युवा वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, कोडर्स और रक्षा उद्यमियों के लिए व्यापक अवसर मौजूद हैं।
भारत की 7.8 प्रतिशत GDP वृद्धि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य-पूर्व संघर्ष, कच्चे तेल के संकट और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसी वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की आर्थिक वृद्धि उल्लेखनीय है। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में सशस्त्र बलों के योगदान की सराहना की और कहा कि युवा शक्ति भारत के राष्ट्रीय पुनरुत्थान की प्रमुख प्रेरक शक्ति बनेगी।
कार्यक्रम में CENJOWS के अध्यक्ष एवं चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ एयर मार्शल तेजिंदर सिंह, PVSM, AVSM, VSM ने ‘संयुक्तता और एकीकरण के उभरते आयाम’ विषय पर मुख्य वक्तव्य दिया।
UPSC के सदस्य लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) राज शुक्ला ने ‘सिविल-मिलिट्री फ्यूजन: राष्ट्रीय विकास का मार्ग’, जबकि सेना उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन, AVSM, SM ने ‘स्मार्ट तरीके से युद्ध लड़ना: मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस और संयुक्तता की अवधारणा’ विषय पर विशेष संबोधन दिया।
व्याख्यान में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों, नीति-निर्माताओं और रक्षा विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस दौरान संयुक्तता एवं एकीकरण, मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस, सिविल-मिलिट्री फ्यूजन तथा राष्ट्र निर्माण में सशस्त्र बलों की भूमिका पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।
CENJOWS की स्थापना वर्ष 2007 में मुख्यालय इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के तत्वावधान में की गई थी। यह तीनों सेनाओं से संबंधित एक प्रमुख थिंक टैंक है, जो संयुक्त युद्धक क्षमता, राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रीय शक्ति के प्रभावी उपयोग से जुड़े विषयों पर अनुसंधान, विश्लेषण तथा सार्थक विमर्श को बढ़ावा देता है।