झारखंड विधानसभा में गरजे सीएम हेमंत सोरेन: कहा- विपक्ष छात्रों की आड़ में कर रहा राजनीति, सदन में नोट लहराना उनकी असलियत
रांची: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। राज्य में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच, सदन में जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष के हंगामे और सदन के भीतर नोटों के बंडल लहराए जाने के बाद मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए विपक्ष की राजनीति को आड़े हाथों लिया। लगातार हो रहे गतिरोध के कारण विधानसभा की कार्यवाही को तय समय से एक दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।
सदन में नोट लहराने पर विपक्ष को घेरा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भाजपा विधायकों द्वारा सदन के भीतर नोटों के बंडल दिखाने की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि विधानसभा के भीतर जो करेंसी नोट दिखाए गए, वही विपक्ष के अस्तित्व और उनकी राजनीति की असली बुनियाद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों, जरूरतमंदों और युवाओं की जेबों से किस तरह पैसा निकाला जा रहा है, यह घटना उसी का प्रमाण है। सीएम ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ने सदन को सुचारू रूप से चलाने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन विपक्ष ने अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के कारण कार्यवाही को बाधित किया।
छात्रों के मुद्दे पर सरकार का रुख और रोजगार का दावा
छात्रों के आंदोलन पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की भावनाएं और चिंताएं सरकार के लिए सर्वोपरि हैं। उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों से अपील की कि वे किसी भी राजनीतिक बहकावे या नैरेटिव में न आएं। सरकार JPSC और JSSC की परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के लिए पूरी तरह गंभीर है और परीक्षा प्रणाली को आधुनिक बनाने के लिए IIT और IIM जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से तकनीकी मार्गदर्शन लिया जा रहा है।
हेमंत सोरेन ने पूर्ववर्ती भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में हुई नियुक्तियों में 75 से 100 प्रतिशत स्थानीय उम्मीदवारों का चयन हुआ है, जबकि भाजपा के शासनकाल में बाहरी राज्यों के लोगों को नौकरियां दी गई थीं।
केंद्र की नीतियों को बताया जिम्मेदार
मुख्यमंत्री ने बेरोजगारी के मुद्दे पर केंद्र सरकार को भी कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की गलत आर्थिक नीतियों के कारण देश और राज्य के छोटे, मध्यम और बड़े उद्योग धंधे बंद हो रहे हैं, जिससे करोड़ों युवाओं को अपने रोजगार से हाथ धोना पड़ रहा है। सोरेन ने अंत में विपक्ष पर तंज कसते हुए एक कविता पढ़ी और कहा कि विपक्ष की राजनीतिक गिरावट का यह तो सिर्फ दौर शुरू हुआ है, अभी और गिरना बाकी है।