रांची: झारखंड प्रतियोगी परीक्षा (JPSC और JSSC) में कथित धांधली के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर सोमवार को हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मंगलवार को राज्यव्यापी ‘झारखंड बंद’ का आयोजन किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के आह्वान पर सुबह 8 बजे से शुरू हुआ यह बंद रात 12 बजे तक प्रभावी रहा। इस दौरान राजधानी रांची सहित राज्य के कई प्रमुख जिलों में बंद का मिलाजुला से लेकर व्यापक असर देखने को मिला।
सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने रांची में 3,000 से अधिक अतिरिक्त पुलिस जवानों की तैनाती कर हाई अलर्ट जारी किया था।
सुबह होते ही भाजपा कार्यकर्ता और शीर्ष नेता सड़कों पर उतर आए। रांची के प्रमुख चौराहों जैसे हरमू चौक, रतु रोड और अल्बर्ट एक्का चौक पर कार्यकर्ताओं ने टायरों में आग लगाकर सड़कों को अवरुद्ध कर दिया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू खुद कार्यकर्ताओं के साथ सड़कों पर उतरे और दुकानदारों से दुकानें बंद रखने की अपील की। बंद के कारण रांची के डीपीएस, सरला बिरला और डीएवी सहित अधिकांश प्रमुख निजी स्कूल बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बंद रहे।
सड़कों पर लंबी दूरी की बसें और ऑटो बहुत कम संख्या में चले, जिससे आम यात्रियों और दैनिक वेतन भोगियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नामकुम और आसपास के इलाकों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और झड़प भी देखने को मिली, जिसके बाद पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 50 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जिन्हें शाम को रिहा किया गया। हालांकि, देवघर में चल रहे विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने देवघर जिले को बंद के दायरे से पूरी तरह मुक्त रखा था, जिससे वहां श्रद्धालुओं को कोई असुविधा नहीं हुई।
शाम को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने इस बंद को ऐतिहासिक रूप से सफल बताया। उन्होंने सरकार पर युवाओं की आवाज को दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि हेमंत सोरेन सरकार परीक्षा माफियाओं को संरक्षण दे रही है और जब छात्र अपने हक के लिए आवाज उठाते हैं, तो उन पर बर्बरतापूर्वक लाठियां बरसाई जाती हैं। भाजपा ने चेतावनी दी है कि जब तक नियुक्ति परीक्षाओं में पारदर्शिता नहीं लाई जाती और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती, उनका यह आंदोलन जारी रहेगा। दूसरी तरफ, सत्ताधारी कांग्रेस और झामुमो (JMM) ने इस बंद को पूरी तरह विफल बताते हुए इसे भाजपा की राजनीतिक नौटंकी करार दिया है।