पलामू: जिले के अंतर्गत पड़वा प्रखंड स्थित सिक्का गांव में एक ही परिवार में लगातार हो रही मौतों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार को देर रात परिवार की सबसे बुजुर्ग सदस्य लाखो देवी की राँची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही इस परिवार में मृतकों की संख्या बढ़कर छह हो गई है।
वहीं परिवार का एक अन्य सदस्य सुनील मेहता अभी भी गंभीर हालत में रिम्स में भर्ती है, जहां उसका उपचार जारी है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि प्रारंभिक जांच के आधार पर पूरा परिवार ड्रॉप्सी नामक बीमारी से प्रभावित प्रतीत हो रहा है। हालांकि, मौतों के वास्तविक कारण की अंतिम पुष्टि बिसरा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
स्वास्थ्य विभाग की जांच में यह संकेत मिले हैं कि पूरा परिवार ड्रॉप्सी बीमारी से पीड़ित है। अधिकारियों के अनुसार, परिवार जिस सरसों तेल का उपयोग कर रहा था, उसकी जांच में आर्गेमोन मेक्सिकाना का तेल मिला था। रांची के नामकुम स्थित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला ने सरसों तेल में आर्गेमोन (कटैला बीज के तेल) की मिलावट की पुष्टि की है।
इसी आधार पर चिकित्सक प्रभावित लोगों का उपचार ड्रॉप्सी बीमारी के अनुरूप कर रहे हैं। हालांकि, अंतिम चिकित्सकीय निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही जारी किया जाएगा।
ड्रॉप्सी एक गंभीर स्वास्थ्य स्थिति है, जो सामान्यतः आर्गेमोन तेल से मिलावटी खाद्य तेल के सेवन से हो सकती है। इस स्थिति में शरीर में सूजन, कमजोरी, सांस लेने में तकलीफ, त्वचा और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी समस्याएं तथा अन्य गंभीर लक्षण विकसित हो सकते हैं। समय पर उपचार नहीं मिलने पर यह जानलेवा भी साबित हो सकती है।