कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के रुझानों में बीजेपी की बड़ी जीत के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। राज्य के मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला ने आज एक बेहद महत्वपूर्ण और सख्त आदेश (Order No. 95-CS/2026) जारी किया है।
इस आदेश के तहत सभी विभागीय सचिवों और विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि:
दस्तावेजों की सुरक्षा: किसी भी सरकारी दफ्तर से कोई भी महत्वपूर्ण कागजात या फाइल हटाई, नष्ट या बाहर नहीं ले जाई जाएगी।
अनधिकृत कॉपी पर रोक: दफ्तरों में फाइलों की अनधिकृत फोटोकॉपी या स्कैनिंग पर तत्काल प्रभाव से पाबंदी लगा दी गई है।
निजी जिम्मेदारी: आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अगर किसी भी विभाग में फाइलों की सुरक्षा में चूक पाई गई, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी संबंधित विभागाध्यक्ष (HOD) और विभागीय सचिव की होगी।
सियासी हलचल:
प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि सत्ता परिवर्तन की स्थिति को देखते हुए यह कदम ‘अभिलेखों की सुरक्षा’ (Safeguarding of records) सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। अमूमन ऐसे आदेश तब जारी किए जाते हैं जब नई सरकार के आने से पहले फाइलों के साथ छेड़छाड़ या संवेदनशील डेटा नष्ट होने का अंदेशा होता है।
इस आदेश की प्रति पुलिस महानिदेशक (DG), कोलकाता पुलिस कमिश्नर और सभी जिला मजिस्ट्रेटों को भी भेज दी गई है ताकि सरकारी संपत्तियों और दस्तावेजों की कड़ी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।