Ranchi: बाल श्रम उन्मूलन के उद्देश्य से CACL (Campaign Against Child Labour) द्वारा 29 एवं 30 अप्रैल 2026 को रांची स्थित होटल AVN ग्रैंड में दो दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन सह 44 दिवसीय राष्ट्रीय अभियान का शुभारंभ सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विभिन्न हितधारकों को एक साझा मंच पर लाकर बाल श्रम मुक्त भारत की दिशा में सामूहिक प्रयासों को मजबूत करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय विधायक रांची श्री सी.पी. सिंह थे। विशिष्ट अतिथियों में श्री बलराम जी (भूतपूर्व सलाहकार, सुप्रीम कोर्ट), श्री मधुकर जी (वरिष्ठ पत्रकार)श्री निर्मल जी (अंडर सेक्रेटरी, JHALSA) , श्री अशोक कुमार (राष्ट्रीय संयोजक, CACL), श्री ए.के. सिंह (संयोजक, RTE फोरम), श्री मार्कंडेय मिश्रा (TDH नीदरलैंड्स) एवं श्री संजीव कुमार भगत (राज्य संयोजक, CACL झारखंड) उपस्थित रहे।
दो दिवसीय इस सम्मेलन में बाल श्रम की वर्तमान स्थिति, चुनौतियाँ, शिक्षा के अधिकार (RTE) के प्रभावी क्रियान्वयन, पुनर्वास की व्यवस्था, तथा सामुदायिक सहभागिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम में 100 से अधिक सिविल सोसाइटी संगठनों (CSOs) प्रतिनिधियों एवं युवा साथी ने भाग लिया और अपने अनुभव साझा किए।
इस अवसर पर 44 दिवसीय राष्ट्रीय अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया गया तथा पोस्टर का विमोचन भी किया गया। अभियान का मुख्य संदेश “श्रम नहीं, शिक्षा” के नारे के साथ बच्चों के अधिकारों और शिक्षा के महत्व को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया गया।
यह 44 दिवसीय राष्ट्रीय अभियान 30 अप्रैल से 12 जून तक पूरे देश भर में संचालित किया जाएगा, जिसके माध्यम से बाल श्रम उन्मूलन और बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक जागरूकता एवं जनसहभागिता को बढ़ावा दिया जाएगा।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि बाल श्रम केवल एक सामाजिक समस्या नहीं, बल्कि बच्चों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। इसे समाप्त करने के लिए सरकार, सिविल सोसाइटी, मीडिया एवं समुदाय के बीच मजबूत साझेदारी और समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है।
कार्यक्रम का समापन सामूहिक संकल्प के साथ हुआ, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण हेतु सक्रिय योगदान देने का वचन लिया।