Ranchi: कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की आज छात्रावास की छात्राओं के साथ नागपुरी फ़िल्म “सेरेंग” देखने पहुँचीं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि झारखंडी कलाकारों में अद्भुत प्रतिभा है, आवश्यकता केवल उन्हें उचित अवसर, सम्मान और प्रोत्साहन देने की है, ताकि उनकी कला राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सके।
मंत्री ने कहा कि छात्राओं के साथ फ़िल्म देखने का अनुभव बेहद उत्साहपूर्ण और भावनात्मक रहा। छात्राओं के चेहरे की मुस्कान, झारखंडी कला-संस्कृति के प्रति उनका जुड़ाव और अपनी भाषा के प्रति गर्व देखकर मन अत्यंत प्रसन्न हुआ।
उन्होंने कहा कि झारखंड के कलाकार अपनी मेहनत, संघर्ष और मिट्टी से जुड़ी कहानियों को बड़े पर्दे पर जीवंत कर रहे हैं। हमारी क्षेत्रीय भाषाएँ, लोककला, संगीत और संस्कृति ही हमारी असली पहचान हैं। इन्हें संरक्षित करना और कलाकारों को सम्मान देना हम सभी झारखंडवासियों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कलाकारों के सम्मान, कल्याण और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। वर्ष 2025-26 में सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण पहलें की गई हैं, जिनमें संगीत-नाटक अकादमी का गठन, कलाकारों के लिए ₹5 लाख तक की बीमा योजना तथा बुजुर्ग एवं अस्वस्थ कलाकारों के लिए ₹4,000 मासिक पेंशन योजना शामिल है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य झारखंड की कला, भाषा और संस्कृति को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाना है, ताकि राज्य के कलाकारों को वह पहचान और सम्मान मिल सके, जिसके वे वास्तविक हकदार हैं।