रांची: झारखंड में होने वाले आगामी नगर निकाय चुनावों की शुचिता और पारदर्शिता को लेकर भाजपा ने मोर्चा खोल दिया है। सुधीर श्रीवास्तव के नेतृत्व में भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज राज्य निर्वाचन आयोग पहुंचकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। भाजपा ने मांग की है कि निकाय चुनाव के दौरान राज्य के प्रत्येक बूथ पर सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए जाएं।
बैलेट पेपर से चुनाव पर जताई आशंका
प्रतिनिधिमंडल के सदस्य सुधीर श्रीवास्तव ने कहा कि राज्य सरकार इस बार निकाय चुनाव बैलेट पेपर से कराने पर अड़ी है। उन्होंने आशंका जताई कि सरकार के इशारे पर उनके समर्थक बैलेट पेपर की लूट कर सकते हैं या फर्जी तरीके से अपने पक्ष में मतदान करवा सकते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि जब लोकसभा और विधानसभा चुनावों में हर बूथ पर सीसीटीवी लगाए गए थे, तो निकाय चुनाव में ऐसा क्यों नहीं किया जा सकता?
न्यायालय में साक्ष्य के लिए 1 साल का बैकअप
ज्ञापन के माध्यम से भाजपा ने आयोग के सामने कुछ प्रमुख शर्तें रखी हैं:
फुटेज का संरक्षण: सीसीटीवी फुटेज को कम से कम एक साल तक सुरक्षित रखा जाए ताकि चुनावी गड़बड़ी की स्थिति में इसे न्यायालय में ठोस साक्ष्य (Evidence) के तौर पर इस्तेमाल किया जा सके।
असामाजिक तत्वों पर नजर: सीसीटीवी लगने से बूथ के भीतर और बाहर मौजूद असामाजिक तत्वों की पहचान आसानी से हो सकेगी और बूथ कैप्चरिंग जैसी घटनाओं पर रोक लगेगी।
मंशा पर सवाल: भाजपा ने चेतावनी दी कि यदि आयोग सीसीटीवी नहीं लगाता है, तो इससे सरकार की मंशा स्पष्ट हो जाएगी कि वह बूथों पर कब्जा करने की योजना बना रही है।
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि निष्पक्ष चुनाव के लिए डिजिटल निगरानी अनिवार्य है, अन्यथा लोकतंत्र के इस पर्व में पारदर्शिता का अभाव रहेगा।
