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मनरेगा जिला लोकपालों को समाप्त कर हेमंत सरकार ने 31 मार्च तक भ्रष्टाचार को दी खुली छूट : प्रतुल शाहदेव

Ranchi: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने हेमंत सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि जिला स्तर पर कार्यरत मनरेगा लोकपाल व्यवस्था को निष्क्रिय करना सीधे तौर पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का निर्णय है। 31 मार्च तक चल रही मनरेगा योजनाओं की निगरानी के लिए अब कोई लोकपाल नहीं रहेगा, जिससे सरकारी धन की खुली लूट का रास्ता साफ हो गया है।

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि हेमंत सरकार ने पत्रांक 13-121 लोकपाल, 2023, ग्रा वि (N) 196, दिनांक 09/02/2026 के माध्यम से जिला लोकपाल की नियुक्ति को निष्क्रिय कर यह साबित कर दिया है कि उसे पारदर्शिता नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार की चिंता है। केंद्र सरकार के पत्र को गलत तरीके से व्याख्या कर बहाना बनाकर हेमंत सरकार जानबूझकर निगरानी तंत्र को कमजोर कर रही है।उन्होंने कहा कि मनरेगा गरीबों, मजदूरों और ग्रामीणों की आजीविका से जुड़ी योजना है, लेकिन झारखंड में यह योजना वर्षों से कमीशनखोरी, फर्जी मस्टर रोल और योजनाओं में भारी अनियमितताओं की शिकार रही है। लोकपाल की अनुपस्थिति में भ्रष्टाचार पर कोई रोक नहीं बचेगी, जो सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रतुल ने कहा कि मनरेगा में भ्रष्टाचार के कारण ही केंद्र सरकार अब विकसित भारत जी राम जी योजना लेकर आ रही है।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने स्पष्ट कहा कि भारतीय जनता पार्टी वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले मनरेगा के जिला लोकपालों की तत्काल नियुक्ति की मांग करती है। यदि सरकार ऐसा नहीं करती है, तो यह माना जाएगा कि हेमंत सरकार स्वयं भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रही है। प्रतुल ने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष में ही राज्य सरकार ने मनरेगा के लिए फंड का प्रावधान किया और केंद्र ने भी अपने हिस्से का पैसे का प्रावधान करके रखा है।जब तक विकसित भारत जी राम जी योजना पूरे तरीके से चालू नहीं हो जाती, तब तक तो मनरेगा से ही भुगतान हो रहा।इस लिए राज्य सरकार को वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक जिला स्तर पर मनरेगा लोकपाल की अविलंब नियुक्ति करनी चाहिए।

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